भिवानी की बेटी जैस्मिन लंबोरिया ने कॉमनवेल्थ गेम्स में रचा इतिहास, मुक्केबाजी में जीता 7वां गोल्ड मेडल
भिवानी (हरियाणा): कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन निरंतर जारी है, जहां भारत ने अपना सातवां स्वर्ण (Gold Medal) पदक हासिल कर लिया है।
हरियाणा के भिवानी जिले की होनहार मुक्केबाज जैस्मिन लांबोरिया ने विमेंस बॉक्सिंग की 57 KG कैटेगरी के रोमांचक फाइनल मुकाबले में नॉर्दर्न आयरलैंड की मिकाएला वॉल्स को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे भिवानी जिले और हरियाणा प्रदेश में अत्यंत खुशी और गर्व का माहौल व्याप्त है। जैस्मिन की इस स्वर्णिम जीत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भिवानी की माटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को विश्वस्तरीय खिलाड़ी देने में सदैव अग्रणी रही है।
फाइनल मुकाबले में जैस्मिन ने अद्भुत आत्मविश्वास, उच्च तकनीकी कौशल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिद्वंद्वी को पूरी तरह परास्त किया। स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराकर भारत माता का मस्तक गर्व से ऊंचा किया है।
🍬 प्रीति पवार के बाद जैस्मिन की स्वर्णिम सफलता, भारत की मेडल टैली में 7 स्वर्ण सहित कुल 27 पदक
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व विमेंस बॉक्सिंग के 54 KG भार वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की सवाना डोलमागो को शिकस्त देकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था।
जैस्मिन की जीत के साथ ही भारत के खाते में 7 गोल्ड मेडल सहित कुल 27 पदक दर्ज हो चुके हैं और भारत मेडल टैली (Medal Tally) में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ छठे स्थान पर पहुंच गया है।
जैस्मिन की स्वर्णिम सफलता की खबर मिलते ही भिवानी स्थित उनके आवास पर परिजनों और ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। परिजनों ने ढोल-नगाड़ों के साथ एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। परिजनों ने कहा कि जैस्मिन ने वर्षों की कठिन तपस्या, कड़े अनुशासन और अटूट समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि वह भविष्य में भी ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए ऐसे ही पदक जीतती रहेंगी।
🌟 खेल प्रेमियों ने जैस्मिन को दी बधाइयां, कहा- ‘जिले की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं जैस्मिन’
भिवानी के खेल प्रेमियों, युवा खिलाड़ियों, खेल प्रशिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने भी जैस्मिन लंबोरिया को राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर सहर्ष बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
सभी का मानना है कि जैस्मिन की यह अविश्वसनीय सफलता जिले की अन्य युवा प्रतिभाओं, विशेषकर बेटियों को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करेगी। खेल विशेषज्ञों ने कहा कि लगातार वैश्विक मंच पर पदक जीतकर भिवानी के मुक्केबाजों ने जिले की पहचान को विश्व पटल पर स्थापित किया है। खेल प्रेमियों ने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि जैस्मिन लंबोरिया जैसी होनहार खेल प्रतिभाओं को हर संभव प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे भविष्य में भी देश के लिए स्वर्णिम सफलताएं अर्जित करती रहें।
🔥 आज शाम भारत के 8 और दिग्गज मुक्केबाज उतरेंगे गोल्ड मेडल के फाइनल दंगल में
जैस्मिन और प्रीति की सफलता के बाद भारतीय बॉक्सिंग दल से और भी स्वर्ण पदकों की उम्मीदें बंध गई हैं। भारत के 8 और स्टार मुक्केबाज गोल्ड मेडल मुकाबला खेलने के लिए रिंग में उतरेंगे:
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शाम 4:15 बजे: जदुमणि सिंह (55 KG)
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रात 9:00 बजे: साक्षी चौधरी (51 KG)
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रात 9:15 बजे: प्रिया घंघास (60 KG)
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रात 9:30 बजे: अरुंधति चौधरी (70 KG)
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रात 10:15 बजे: लवलीना बोरगोहेन (75 KG)
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रात 10:45 बजे: सचिन सिवाच (60 KG)
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रात 11:15 बजे: अंकुश पंघाल (80 KG)
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रात 11:45 बजे: नरेंद्र बरवाल (90+ KG)
ये सभी खिलाड़ी अपने-अपने भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से रिंग में उतरेंगे।