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उत्तराखंड में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, मसूरी के लक्ष्मणपुरी में कथित अवैध नमाज स्थल पर चला बुलडोजर

मसूरी (उत्तराखंड): उत्तराखंड राज्य में अवैध धार्मिक संरचनाओं और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के अंतर्गत शनिवार को मसूरी के लक्ष्मणपुरी क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

प्रशासनिक टीम तथा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पुराने कब्रिस्तान परिसर के भीतर बनी एक कथित अवैध नमाज स्थल/संरचना को बुलडोजर (पीला पंजा) चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के उपरांत क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल व्याप्त हो गया और विरोध प्रदर्शन के कारण मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर यातायात ठप्प हो गया।

🚧 200 वर्ष पुराने कब्रिस्तान में हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, पुलिस बल की मौजूदगी में हटा ढांचा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक अधिकारी और एमडीडीए की टीम अचानक भारी पुलिस बल के साथ लक्ष्मणपुरी स्थित लगभग 200 वर्ष प्राचीन कब्रिस्तान परिसर में पहुंची।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कब्रिस्तान परिसर में निर्मित यह पक्का व अस्थायी ढांचा अवैध अतिक्रमण की श्रेणी में आता था, जिसके चलते नियमानुसार एवं तय प्रक्रिया के तहत इसे हटाने की वैधानिक कार्रवाई निष्पादित की गई। इस दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या उपद्रव से निपटने के लिए जिला पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा।

📢 “यह मस्जिद नहीं, जनाजे की नमाज का टीनशेड था”, मुस्लिम समुदाय ने हाईवे किया जाम

बुलडोजर कार्रवाई की सूचना फैलते ही स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग आक्रोशित होकर सड़कों पर उतर आए।

प्रदर्शनकारियों ने मसूरी-देहरादून हाईवे पर धरना देकर यातायात बाधित कर दिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि जिस ढांचे को ध्वस्त किया गया है, वह कोई व्यावसायिक या नियमित मस्जिद नहीं थी, बल्कि जनाजे (अंतिम संस्कार) से पूर्व नमाज अदा करने के लिए बनाया गया एक पारंपरिक टीनशेड था। समुदाय के प्रतिनिधियों का दावा है कि यह स्थल दो शताब्दियों से उनके धार्मिक उपयोग में रहा है और वहां उनके पूर्वजों की मजारें व कब्रें स्थित हैं।

🛣️ हाईवे पर लगा कई किलोमीटर लंबा जाम, वरिष्ठ अधिकारियों की समझाइश के बाद खुला रास्ता

अचानक हुए इस सड़क जाम के कारण मसूरी-देहरादून हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सैलानियों व आम यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन के उच्च अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी नेताओं से वार्ता कर उन्हें आश्वस्त किया और समझा-बुझाकर शांत कराया। कड़ी मशक्कत के बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात व्यवस्था पुनः बहाल की गई।

🚔 पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चौकस, पुलिस प्रशासन ने कहा- “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में”

घटनाक्रम के पश्चात एहतियात के तौर पर पूरे लक्ष्मणपुरी और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है।

अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि अतिक्रमण रोधी यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने आम जनता से किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।