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कोरबा में ₹402 करोड़ पहुंचा कुल बिजली बिल बकाया! ग्राम पंचायतों और शिक्षा विभाग पर सबसे ज्यादा उधारी; जानें विभागवार आंकड़े

कोरबा (छत्तीसगढ़): कोरबा जिले में सरकारी विभागों और शासकीय दफ्तरों का करोड़ों रुपये का बिजली बिल भुगतान लंबे समय से लंबित है। आंकड़ों के अनुसार, अकेले सरकारी विभागों पर विद्युत विभाग का कुल बकाया बढ़कर ₹97 करोड़ के पार पहुंच गया है। इस भारी उधारी को देखते हुए बिजली विभाग ने अब कड़ा रुख अपनाने का निर्णय लिया है। विभाग अब सभी शासकीय कार्यालयों में पोस्टपेड व्यवस्था समाप्त कर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की व्यापक तैयारी कर रहा है।

⚡ अगस्त माह से लागू हो सकती है नई व्यवस्था, बिना एडवांस रिचार्ज के नहीं मिलेगी बिजली

शासकीय दफ्तरों का कुल बकाया बिजली बिल वर्तमान में बढ़कर ₹97.35 करोड़ तक पहुंच गया है।

विभागीय कार्यालयों के शासकीय होने के कारण स्थानीय अधिकारी इन पर कठोरता से दबाव नहीं बना पाते थे, जिससे यह उधारी वर्ष-दर-वर्ष बढ़ती चली गई। बिजली विभाग ने इस ढर्रे को बदलने के लिए जिले में चल रहे स्मार्ट मीटर अभियान में तेजी ला दी है। अब शासकीय कार्यालयों में पोस्टपेड (इस्तेमाल के बाद भुगतान) प्रणाली को पूरी तरह समाप्त किया जा रहा है। विभागीय योजना के अनुसार, अगस्त माह से सरकारी दफ्तरों में अनुमानित खपत के आधार पर पहले स्मार्ट मीटर को रिचार्ज करना होगा, तभी वहां बिजली आपूर्ति बहाल रखी जाएगी।

📊 जानिए किस सरकारी विभाग पर कितना बिजली बिल है बकाया?

बिजली विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख विभागों पर पेंडिंग बिल की स्थिति इस प्रकार है:

  • ग्राम पंचायतें: ₹54.45 करोड़

  • शिक्षा विभाग: ₹12.63 करोड़

  • नगर निगम कोरबा: ₹6.84 करोड़

  • नगर पालिका: ₹6.80 करोड़

  • नगर पंचायतें: ₹4.76 करोड़

  • महिला एवं बाल विकास विभाग: ₹2.90 करोड़

  • स्वास्थ्य विभाग: ₹2.60 करोड़

🏗️ 65% क्षेत्र में लग चुके हैं स्मार्ट मीटर, स्कूलों और आंगनवाड़ियों में तेजी से जारी है काम

कोरबा जिले में निजी ठेका कंपनी के माध्यम से पिछले 2 वर्षों से स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य निरंतर जारी है।

अब तक लगभग 65 प्रतिशत घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कार्यालयों में आधुनिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। विकासखंड स्तर पर चरणबद्ध तरीके से चल रहे इस अभियान के तहत अब स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा ग्राम पंचायत भवनों में भी तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं ताकि शत-प्रतिशत प्रीपेड व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

💰 जिले का कुल बकाया बढ़कर ₹400 करोड़ के पार, आम उपभोक्ताओं पर भी करोड़ों की उधारी

विद्युत विभाग के समग्र आंकड़ों के अनुसार, कोरबा जिले में सरकारी विभागों, बड़े औद्योगिक बकायादारों तथा आम उपभोक्ताओं की गणना करने पर कुल पेंडिंग राशि अब ₹402 करोड़ 83 लाख तक पहुंच गई है।

इसमें से शासकीय दफ्तरों का बकाया ₹97.35 करोड़ है, जबकि आम घरेलू, कमर्शियल उपभोक्ताओं तथा अन्य निजी संस्थानों का कुल बकाया ₹305.48 करोड़ दर्ज किया गया है।