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“मेरा बेटा राह भर तड़पता रहा…”, मंडला में 108 एंबुलेंस की घोर लापरवाही से 21 साल के युवक की तड़पकर मौत

मंडला (मध्य प्रदेश): “मेरा बेटा पूरी राह सांसों के लिए तड़पता रहा, उसे सिर्फ समय पर ऑक्सीजन की सख्त जरूरत थी। मंडला अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उसने मेरी आंखों के सामने दम तोड़ दिया। अगर वक्त पर ऑक्सीजन मिल जाती तो मेरा बेटा आज जिंदा होता”… ये करुण शब्द उस बेबस और लाचार पिता के हैं, जिसने अपने 21 वर्षीय इकलौते बेटे अजीत बरैया को मध्य प्रदेश की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था और एंबुलेंस सेवा की संवेदनहीनता के कारण खो दिया।

पीड़ित पिता का गंभीर आरोप है कि बेटे को समय पर डायलिसिस नहीं मिला, 108 एंबुलेंस कॉल करने के एक घंटे बाद पहुंची, रास्ते में ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं दिया गया और जब दिया भी गया तो महज कुछ ही दूरी तय करने के बाद सिलेंडर की गैस पूरी तरह खत्म हो गई।

यह पूरा दिल दहला देने वाला मामला मंडला जिले के बम्हनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुनहरा माल का है। यहां के निवासी अजीत बरैया की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों का साफ तौर पर आरोप है कि समय पर ऑक्सीजन न मिलने और 108 एंबुलेंस सेवा की लापरवाही के कारण अजीत की अकाल बलि चढ़ गई। इस दुखद घटना के बाद सामने आए 58 सेकंड के एक वीडियो ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

📱 वायरल वीडियो ने खोली एंबुलेंस सेवा की पोल, खाली निकला ऑक्सीजन का सिलेंडर

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 58 सेकंड के वीडियो में एंबुलेंस के भीतर रखा ऑक्सीजन सिलेंडर और उसका प्रेशर गेज (Pressure Gauge) साफ दिखाई दे रहा है, जो शून्य (Zero) पर अटका हुआ है।

वीडियो बना रहा स्थानीय युवक चिल्ला-चिल्लाकर कह रहा है कि एंबुलेंस में रखे ऑक्सीजन सिलेंडर में गैस पूरी तरह खत्म हो चुकी है। इसी दौरान स्ट्रेचर पर लेटा 21 साल का अजीत सांस लेने के लिए बुरी तरह छटपटाता नजर आ रहा है, जबकि पास में बैठे उसके लाचार माता-पिता अपने बेटे को तड़पता देख रोते-बिलखते दिखाई दे रहे हैं। यह वायरल वीडियो 108 एंबुलेंस सेवा के दावों, तैयारियों और आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की भयावह हकीकत बयान कर रहा है।

⏱️ एक घंटे की देरी से पहुंची एंबुलेंस, बम्हनी अस्पताल के बाद रास्ते में ही खत्म हो गई गैस

मृतक के पिता अमन बरैया के मुताबिक, बेटे अजीत की तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने सबसे पहले डायलिसिस सेंटर से समय बदलने की गुहार लगाई थी, लेकिन प्रबंधन ने उनकी गुहार नहीं सुनी।

इसके पश्चात उन्होंने तत्काल 108 एंबुलेंस को कॉल कर मरीज की गंभीर स्थिति और ऑक्सीजन की अनिवार्य जरूरत की सूचना दी। इसके बावजूद एंबुलेंस करीब एक घंटे की भारी देरी के बाद मौके पर पहुंची। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस स्टाफ ने डॉक्टर की लिखित पर्ची न होने का हवाला देकर शुरुआत में ऑक्सीजन लगाने से साफ इनकार कर दिया, जिससे युवक की स्थिति लगातार नाजुक होती चली गई।

आगे परिजनों ने बताया कि बम्हनी अस्पताल के डॉक्टरों के कड़े निर्देश के बाद एंबुलेंस स्टाफ ने ऑक्सीजन सप्लाई शुरू तो की, लेकिन बम्हनी से निकलने के कुछ ही किलोमीटर बाद सिलेंडर की गैस समाप्त हो गई। परिजनों का कहना है कि यदि एंबुलेंस समय पर आती और उसमें पर्याप्त ऑक्सीजन होती तो उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी।

🩺 “कार्रवाई का अधिकार भोपाल स्तर पर है”: वायरल वीडियो पर बोले जिला स्वास्थ्य अधिकारी डीजे मोहंती

इस पूरे शर्मनाक घटनाक्रम और वायरल वीडियो पर जब जिला स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) डॉ. डीजे मोहंती से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन और अनुबंध राज्य स्तर यानी भोपाल मुख्यालय से होता है।

उन्होंने कहा कि जिला स्वास्थ्य विभाग के पास केवल शिकायतें दर्ज कर शासन को भेजने का अधिकार है, जबकि दोषी एंबुलेंस कंपनी या कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने का सर्वाधिकार भोपाल स्तर के अधिकारियों के पास है। हालांकि, अधिकारी ने यह बात खुलकर स्वीकार की कि जिले में 108 एंबुलेंस सेवाओं को लेकर लगातार गंभीर शिकायतें मिलती रही हैं। कई बार एंबुलेंस के घंटों देर से पहुंचने और ऑक्सीजन व आपातकालीन किट जैसी बुनियादी सुविधाओं के न होने की शिकायतें सामने आई हैं, जिनकी विस्तृत रिपोर्ट कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को भोपाल भेजी जा चुकी है।