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Sonam Wangchuk Protest: वांगचुक पर पुलिस एक्शन से भड़के अशोक गहलोत, कहा- ‘शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंट रही सरकार’

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने शनिवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के अनशन और पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। गहलोत ने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी के देश में अब शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंटा जा रहा है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि वांगचुक के अनशन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा बल का इस्तेमाल भारतीय लोकतंत्र पर एक गंभीर धब्बा है।

अन्ना हजारे आंदोलन की दिलाई याद

गहलोत ने यूपीए (UPA) सरकार के दौर को याद करते हुए कहा कि जब अन्ना हजारे ने बड़ा आंदोलन किया था, तब तत्कालीन सरकार ने उनसे संवाद का रास्ता अपनाया था और खुद तत्कालीन केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख उनसे बातचीत करने गए थे। गहलोत ने आरोप लगाया, “इसके विपरीत, आज की सरकार का रवैया बिल्कुल अलग है।” उन्होंने कहा कि चाहे किसान आंदोलन हो, महिला पहलवानों का विरोध प्रदर्शन हो या अपने अधिकारों की मांग कर रहे पूर्व सैनिक, केंद्र सरकार ने हर बार विरोध करने वालों के साथ दमनात्मक रवैया ही अपनाया है।

‘लोकतंत्र में संवाद होता है, तानाशाही में बल प्रयोग’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, “लोकतंत्र में शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से विरोध करना नागरिकों का बुनियादी अधिकार होता है, लेकिन इस सरकार के दौर में उसके लिए भी जगह लगातार सिमटती जा रही है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोकतंत्र में हमेशा संवाद होता है, जबकि तानाशाही में बल प्रयोग किया जाता है। गहलोत ने चिंता जताते हुए कहा कि आज सोनम वांगचुक के अनशन के दौरान पुलिस द्वारा बल का इस्तेमाल पूरी तरह अस्वीकार्य है और पूरी दुनिया देख रही है कि भारत में शांतिपूर्ण आवाजों को कैसे दबाया जा रहा है।

21वें दिन अस्पताल में भर्ती कराए गए वांगचुक

गौरतलब है कि लद्दाख की मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार को अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) में भर्ती कराया गया। वहीं, इस मामले में दिल्ली पुलिस का कहना है कि पुलिस ने किसी भी तरह के बल का प्रयोग नहीं किया है, बल्कि चिकित्सकीय सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप ही वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया है।