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Heart Disease Risk & Prevention: स्वस्थ लोग भी न करें ये अनदेखी! उम्र के हिसाब से करवाएं ईसीजी, बीपी और कोलेस्ट्रॉल टेस्ट

पूर्ण रूप से स्वस्थ दिखाई देने वाले व्यक्तियों को भी हृदय संबंधी नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए, ताकि शरीर में पनप रहे किसी भी छिपे हुए जोखिम या शुरुआती बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके।

उम्र के अलग-अलग पड़ावों पर जांच का दायरा इस प्रकार होना चाहिए:

  • 20 से 30 वर्ष की आयु: यदि आप पूरी तरह स्वस्थ हैं, तो हर 4 से 6 साल में ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की सामान्य जांच पर्याप्त मानी जाती है।

  • 30 से 40 वर्ष की आयु: इस उम्र वर्ग के लोगों को हर 2 से 4 साल में अपनी नियमित जांच करवानी चाहिए। यदि आपके परिवार में हृदय रोग का कोई इतिहास रहा है, तो डॉक्टर की सलाह पर जांचें और अधिक बार की जानी चाहिए।

  • 40 वर्ष और उससे अधिक: इस आयु वर्ग के बाद हर साल नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराना बेहद फायदेमंद और आवश्यक होता है।

📊 मुख्य हृदय संबंधी जांचें और किन लोगों को रखनी चाहिए विशेष सावधानी

हृदय स्वास्थ्य को समझने के लिए मुख्य रूप से ब्लड प्रेशर (BP), लिपिड प्रोफाइल (Lipid Profile), ब्लड शुगर और ईसीजी (ECG) जैसी बुनियादी जांचें की जाती हैं।

विशेष रूप से निम्नलिखित लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है:

  • जिन्हें पहले से उच्च रक्तचाप, मधुमेह (Diabetes) या थायराइड की समस्या हो।

  • जिनके परिवार में माता-पिता या भाई-बहन को कम उम्र में दिल की बीमारी हुई हो।

  • जो लोग नियमित धूम्रपान करते हैं या अत्यधिक मानसिक तनावपूर्ण जीवन जीते हैं।

समय-समय पर कराई गई नियमित जांचें हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने में बेहद सहायक होती हैं, जिससे किसी भी समस्या का पता शुरुआती स्टेज में ही चल जाता है।

🧪 कोलेस्ट्रॉल और लिपिड प्रोफाइल टेस्ट से जुड़ी मुख्य बातें: सही स्तर और फास्टिंग के नियम

कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है:

  • खाली पेट (Fasting) के नियम: जो लोग कोलेस्ट्रॉल घटाने वाली दवाएं (जैसे स्टेटिंस) नहीं लेते हैं, वे बिना खाली पेट रहे भी सामान्य जांच करवा सकते हैं। डॉक्टर की विशिष्ट सलाह पर ही 9 से 12 घंटे की फास्टिंग रखें।

  • लिपिड प्रोफाइल टेस्ट: इस ब्लड टेस्ट के माध्यम से शरीर में कुल कोलेस्ट्रॉल, ‘अच्छा’ कोलेस्ट्रॉल (HDL), ‘बुरा’ कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर मापा जाता है।

  • सामान्य स्तर: एक वयस्क व्यक्ति के लिए कुल कोलेस्ट्रॉल का स्तर 200 mg/dL से कम होना चाहिए, जबकि एलडीएल (LDL) का स्तर 100 mg/dL से कम होना सबसे उत्तम माना जाता है।

  • हाई कोलेस्ट्रॉल के संकेत: हाथ-पैरों की उंगलियों में झनझनाहट, सीने में दर्द या अत्यधिक शारीरिक कमजोरी हाई कोलेस्ट्रॉल के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। हालिया शोध रिपोर्ट्स के अनुसार, देश की एक बड़ी शहरी आबादी वर्तमान में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से प्रभावित है।