West Bengal Politics: ममता बनर्जी के समर्थन के बाद कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर बवाल, केसी वेणुगोपाल का बड़ा बयान
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के गुटों के बीच रार के बाद अब चुनाव चिन्ह ‘लिफाफा’ को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों से पहले इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) को तगड़ा झटका लगा है, क्योंकि चुनाव आयोग ने उनका पुराना ‘लिफाफा’ सिंबल ऋतब्रत डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस को आवंटित कर दिया है. इस फैसले से नाराज ISF विधायक नौशाद सिद्दीकी ने चुनाव आयोग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है.
🗳️ 2. रजिस्टर्ड लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी होने के कारण बदला सिंबल, ऋतब्रत गुट को मिला लिफाफा तो ISF को चुनना होगा नया निशान
सूत्रों के अनुसार, ISF एक रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टी है लेकिन इसे अभी तक स्टेट या नेशनल पार्टी के रूप में मान्यता नहीं मिली है, जिसके चलते चुनाव आयोग ने ऋतब्रत बनर्जी के गुट को लिफाफा सिंबल दे दिया है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि यह किसी का व्यक्तिगत निशान नहीं है और उन्हें नियमों के तहत यह मिला है. वहीं, रेजिनगर सीट पर हुमायूं कबीर की पार्टी को भी मनपसंद सिंबल न मिलने की चर्चा है, जिसके चलते राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है.
⚖️ 3. नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर बढ़ा सियासी पारा, केसी वेणुगोपाल बोले- चुनाव से पीछे नहीं हटेगी पार्टी
एक तरफ जहां सिंबल को लेकर खींचतान जारी है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने ऐलान किया है कि कांग्रेस नंदीग्राम उपचुनाव से अपने उम्मीदवार मिलन प्रधान को वापस नहीं लेगी और उनकी गिरफ्तारी को एक राष्ट्रीय मुद्दा बनाएगी. आरोप है कि ममता बनर्जी द्वारा समर्थन की घोषणा करने के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने प्रधान को 2007 के एक पुराने मामले में हिरासत में ले लिया और उन पर चुनाव से हटने का दबाव बनाया जा रहा है.