Amarnath Yatra 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम; अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की बड़ी मॉक रेस्क्यू ड्रिल
जम्मू-कश्मीर: बाबा अमरनाथ की वार्षिक पवित्र यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली है। यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रविवार को दोनों मार्गों (पहलगाम और बालटाल) पर माउंटेन रेस्क्यू टीम (MRT) के साथ एक व्यापक मॉक रेस्क्यू ड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास पवित्र गुफा, पंजतरनी, शेषनाग और चंदनवाड़ी जैसे संवेदनशील स्थानों पर किया गया।
🎯 मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य
इस ड्रिल का प्राथमिक उद्देश्य किसी भी अप्रत्याशित संकट के समय सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था। अभ्यास में निम्नलिखित पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
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आपदा प्रबंधन: भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ या प्राकृतिक आपदा के दौरान बचाव कार्य।
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मेडिकल इमरजेंसी: घायलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों और अस्पतालों तक पहुँचाने का कौशल।
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समन्वय: विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल और संचार व्यवस्था की दक्षता।
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सुरक्षा: संभावित आतंकी हमले जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी का परीक्षण।
✅ सुरक्षा बलों का संतोषजनक प्रदर्शन
मॉक ड्रिल के दौरान माउंटेन रेस्क्यू टीमों ने बेहद संतोषजनक प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। प्रशासन यात्रा मार्ग के हर पहलू की समीक्षा कर रहा है ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
🕉️ 3 जुलाई से शुरू होगी 57 दिवसीय यात्रा
बाबा अमरनाथ की यह वार्षिक यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक, कुल 57 दिनों तक चलेगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा 2 जुलाई को भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यात्रा के सफल संचालन के लिए पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा का घेरा और अधिक मजबूत किया जा रहा है।