PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स की नेशनल असेंबली में बोले पीएम मोदी; ‘भारत और सेशेल्स को जोड़ता है हिंद महासागर’
विक्टोरिया, सेशेल्स: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए भारत और सेशेल्स के बीच दशकों पुराने विश्वास के रिश्तों को रेखांकित किया। सेशेल्स की आजादी के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि यह उनके लिए विशेष सम्मान की बात है कि वे इस असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।
🌊 हिंद महासागर: अलगाव नहीं, जुड़ाव का माध्यम
पीएम मोदी ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से भले ही सेशेल्स द्वीपों का एक समूह दिखे, लेकिन इसका समुद्री दायरा 1.4 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैला है, जो इसे एक ‘बड़ा समुद्री देश’ बनाता है। उन्होंने कहा, “हिंद महासागर हमें अलग नहीं करता, बल्कि जोड़ता है। हम अजनबी नहीं, पुराने दोस्तों की तरह मिलते हैं।” उन्होंने याद दिलाया कि दोनों देशों की दोस्ती 1770 के दशक से चली आ रही है, जिसे सरकारों ने नहीं, बल्कि लोगों और परिवारों ने बनाया और पीढ़ियों तक निभाया है।
⚓ सुरक्षा और विकास का ‘जॉइंट विजन’
प्रधानमंत्री ने समुद्री सुरक्षा और आर्थिक विकास पर जोर देते हुए कहा कि भारत ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करता है जो केवल आर्थिक रूप से समृद्ध न हो, बल्कि सुरक्षित भी हो। उन्होंने बताया कि इस वर्ष फरवरी में प्रेसिडेंट हर्मिनी के भारत दौरे के दौरान ‘सस्टेनेबिलिटी, इकोनॉमिक ग्रोथ और सिक्योरिटी थ्रू एन्हांस्ड लिंकेज’ (SESEL) के लिए जारी किया गया ‘जॉइंट विजन’ दोनों देशों के भविष्य के सहयोग का ब्लूप्रिंट है।
🚀 भविष्य के आर्थिक सहयोग पर चर्चा
पीएम मोदी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ संदेश दिया कि भारत और सेशेल्स की पार्टनरशिप केवल आकार पर नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और भरोसे पर टिकी है। दोनों नेताओं ने उद्योगों के लिए नए अवसरों को तलाशने और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को भविष्य के अनुकूल बनाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। अंत में उन्होंने कहा कि भारत का विजन हिंद महासागर को ‘मौकों का महासागर’ बनाने का है।