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Sharmistha Mukherjee on PM Modi: ‘आप मोदी से नफरत या प्यार करें, लेकिन ब्रांड मोदी को नजरअंदाज नहीं कर सकते’

नई दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपनी किताब ‘Pranab, My Father: A Daughter Remembers’ के प्रमोशन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने पिता के संबंधों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं अलग होने के बावजूद, दोनों के बीच एक बेहद सम्मानजनक और स्वस्थ संबंध थे, जो भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती को दर्शाता है।

🗳️ 2014 का चुनावी विश्लेषण और प्रणब दा का अंदाज

शर्मिष्ठा ने एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया कि 2014 में जीत के बाद जब पीएम मोदी राष्ट्रपति भवन पहुंचे, तो प्रणब मुखर्जी ने उनसे चुनाव का विश्लेषण पूछा। जब मोदी जी ने पूर्ण बहुमत की बात कही, तो प्रणब दा ने प्रोफेसर की भांति उन्हें याद दिलाया कि यह चुनाव ऐतिहासिक था क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री पद का चेहरा चुनाव से पहले ही घोषित कर दिया गया था, जो भारतीय परंपरा के विपरीत था।

🙏 संसद की सीढ़ियों को प्रणाम: करोड़ों भारतीयों का जीता दिल

शर्मिष्ठा ने उस पल को याद किया जब 2014 में पीएम मोदी पहली बार संसद भवन पहुंचे थे। उन्होंने पुरानी संसद की सीढ़ियों पर झुककर प्रणाम किया था। प्रणब मुखर्जी के शब्दों में, यह एक अभूतपूर्व और भावुक क्षण था, जिसने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया। उनके अनुसार, यह उस व्यक्ति का सम्मान था जिसने पहली बार संसद में प्रधानमंत्री के तौर पर प्रवेश किया था।

🏆 ‘ब्रांड मोदी’ और बीजेपी की रणनीति

शर्मिष्ठा मुखर्जी का मानना है कि 2014 का जनादेश केवल पार्टी का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर ‘नरेंद्र मोदी’ का था। उन्होंने लिखा कि बीजेपी की जीत के पीछे संगठन की जमीनी स्तर पर पहुंच, गलतियों को जल्दी पहचानकर उनमें सुधार करना और सबसे महत्वपूर्ण—’मोदी का चेहरा’ है, जो पार्टी का सबसे मजबूत ‘ट्रंप कार्ड’ साबित हुआ।