ब्रेकिंग
Nuh Gandhi Statue Desecration: नूंह के 'गांधी ग्राम' में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अपमान; रील बनान... President Droupadi Murmu Birthday: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जन्मदिन; पीएम मोदी, राजनाथ सिंह समेत... NEET Re-Exam Preparation: परीक्षा से पहले आज देशभर में NTA की 'मॉक ड्रिल'; जानें सुरक्षा और संचालन क... Karnataka Welfare Schemes: अब वोटर लिस्ट में नाम होने पर ही मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ; सीएम डीके ... Economic Crisis Allegations: महंगाई और बेरोजगारी पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर निशाना; RBI गवर्नर ने ... Maharashtra Politics: शिवसेना स्थापना दिवस पर शिंदे का शक्ति प्रदर्शन; राहुल गांधी और उद्धव गुट पर स... NEET UG Student Death: गाजियाबाद के प्रताप विहार में NEET की तैयारी कर रहे छात्र की मौत; जांच में जु... Ram Mandir Trust Investigation: चंदा चोरी के आरोपों पर योगी सरकार सख्त; CM बोले- 'अपराधी कोई भी हो, ... Firozabad Couple Death Mystery: फिरोजाबाद में शादीशुदा महिला और युवक की नहर में मिली लाशें; पुलिस जा... Tej Pratap Yadav Security Threat: तेज प्रताप यादव ने जताया अपनी जान को खतरा; आकाश यादव समेत 7 पर दर्...

Amer Temple Idol Theft: कीमती नीलम के लालच में प्राचीन मूर्ति के किए टुकड़े; जयपुर पुलिस ने 14 दिन में पकड़ा आरोपी

जयपुर: आमेर थाना क्षेत्र के साईंबाड़ गांव स्थित प्राचीन लक्ष्मीनारायण मंदिर से हुई अष्टधातु मूर्ति चोरी के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। 14 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने न केवल मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, बल्कि एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया है। आरोपी की प्लानिंग इतनी शातिर थी कि वह चोरी से पहले महीनों तक ऑनलाइन मूर्तियों और उनमें जड़े कीमती रत्नों के बारे में जानकारी जुटाता रहा।

💎 नीलम के लालच में की बर्बरता

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने मंदिर की मूर्ति में कीमती ‘नीलम’ पत्थर जड़े होने के शक में चोरी की साजिश रची थी। 5 जून की रात बिजली कटौती का फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी मूर्ति को अपने खेत में ले गया और कीमती पत्थर की तलाश में उसने प्राचीन मूर्ति के कई टुकड़े कर दिए। जब उसे कोई कीमती रत्न नहीं मिला, तो उसने मूर्ति के अवशेषों को खेत में ही दबा दिया।

🔍 पुलिस की तकनीकी जांच और खुलासा

धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला होने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) का गठन किया। जांच टीम ने लगभग 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और एक हजार से अधिक मोबाइल कॉल डिटेल्स की पड़ताल की। आरोपी की इंटरनेट हिस्ट्री चेक करने पर पता चला कि वह पिछले 6 महीने से गूगल पर प्राचीन मूर्तियों की बिक्री और उनमें छिपे रत्नों के बारे में सर्च कर रहा था।

🎭 आरोपी की शातिर चाल

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि वारदात के बाद आरोपी खुद को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए गांव में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों और धरनों में शामिल होता रहा। वह पुलिस की कार्रवाई पर भी पैनी नजर रखता था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं आरोपी किसी बड़े मूर्ति तस्कर गिरोह का हिस्सा तो नहीं था।