Kota Medical College News: प्रसूताओं की मौत पर बड़ा खुलासा; रिपोर्ट में इलाज में गंभीर लापरवाही का दावा
राजस्थान: प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की मौत के मामलों ने चिकित्सा व्यवस्था की पोल खोल दी है। कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में हुई प्रसूताओं की मौतों के बाद गठित हाई लेवल जांच कमेटी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट में इलाज के दौरान बरती गई गंभीर लापरवाही को मौतों का प्रमुख कारण बताया गया है।
❌ संक्रमित बच्चेदानी में लगाए टांके, फैली मौत
कोटा अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, प्रसूता शिरीन की बच्चेदानी में पहले से संक्रमण था। इसके बावजूद ऑपरेशन के दौरान उसी संक्रमित हिस्से में टांके लगा दिए गए। इससे बैक्टीरिया अंदर ही पनपने लगे और संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया, जिसके चलते ‘मल्टी ऑर्गन फेलियर’ से उसकी जान चली गई। अन्य मामलों में पल्मोनरी एम्बोलिज्म, हृदय संबंधी समस्या और अत्यधिक ब्लीडिंग को मौत का कारण बताया गया है।
🧫 बीकानेर अस्पताल की बदहाली का सच
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में पांच महिलाओं की किडनी फेल होने और दो महिलाओं के आंखों की रोशनी जाने के मामले में जांच टीम ने अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ऑपरेशन थिएटर के आसपास गंदगी और गायनी विभाग के लिए समर्पित आईसीयू (ICU) की कमी को संक्रमण फैलने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है।
⚠️ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न
विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण (Infection Control) और चिकित्सा निगरानी पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि यदि समय रहते स्वच्छता मानकों और तकनीकी प्रोटोकॉल का पालन किया जाता, तो इन अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकता था। अब प्रदेश भर की निगाहें सरकार द्वारा की जाने वाली दंडात्मक कार्रवाई पर टिकी हैं।