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Madhya Pradesh Politics: नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस हुई आक्रामक; जीतू पटवारी के नेतृत्व में भाजपा और निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर उपजा विवाद अब चरम पर है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद से पार्टी नेतृत्व बेहद आक्रामक है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सीधा हमला करार दिया है। पार्टी ने भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।

📢 कांग्रेस का आरोप: लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या

कांग्रेस का सीधा आरोप है कि राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया है। दिल्ली से भोपाल तक न्याय की गुहार लगाने के बाद भी राहत न मिलने से कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है। राष्ट्रपति से मुलाकात का समय न मिलना, आयोग द्वारा अपील खारिज करना और सुप्रीम कोर्ट से याचिका अस्वीकार होने के बाद अब कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर अपनी ताकत दिखाने का फैसला किया है।

🗓️ प्रदर्शन का तीन दिवसीय शेड्यूल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर विरोध-प्रदर्शन का कार्यक्रम कुछ इस प्रकार रहेगा:

  • 15 जून: युवा कांग्रेस का प्रदर्शन।

  • 16 जून: एनएसयूआई (NSUI) द्वारा विरोध।

  • 17 जून: महिला कांग्रेस प्रदेशभर में करेगी प्रदर्शन। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता जिला मुख्यालयों पर निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे, भाजपा कार्यालयों का घेराव करेंगे और विरोध स्वरूप पुतले भी फूंके जाएंगे।

⚖️ सियासी संघर्ष की नई शुरुआत

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना महज एक चुनावी मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नए और बड़े टकराव का संकेत है। राज्य की जनता अब यह देख रही है कि कांग्रेस के इस ‘जन-आंदोलन’ का भाजपा किस प्रकार जवाब देती है और आने वाले दिनों में यह सियासी संघर्ष किस दिशा में मोड़ लेता है। फिलहाल, पूरे प्रदेश की निगाहें कांग्रेस के इन प्रदर्शनों पर टिकी हैं।