ब्रेकिंग
Housewife's Contribution to Economy: गृहिणियों का योगदान राष्ट्र निर्माण में कितना? जानें क्यों जरूर... Malnutrition in MP: सरकारी दावों की खुली पोल; NFHS-6 रिपोर्ट में मध्य प्रदेश में कुपोषण का स्तर बढ़ा,... Madhya Pradesh Rain Alert: भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 30 जिलों में मौसम विभाग की चेतावनी; तापमान ... Madhya Pradesh Politics: नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस हुई आक्रामक; जीतू पटवारी के नेतृत्व में भ... Ujjain Somvati Amavasya: अधिक मास की सोमवती अमावस्या पर शिप्रा तट पर उमड़ा जनसैलाब, बना मिनी कुंभ जै... Kanha National Park News: कान्हा नेशनल पार्क में बाघ का हमला; फायर वॉचर की दर्दनाक मौत, मचा कोहराम Balaghat Crime News: बालाघाट में विधवा महिला की निर्मम हत्या; प्रेमी ने पिता और भाई के साथ मिलकर दिय... Sheopur Weather Update: श्योपुर में आंधी-तूफान का तांडव; 60 किमी की रफ्तार से चली हवाओं ने उड़ाए घर, ... Indian Railways News: रेलवन सुपर ऐप पर टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव, अब यात्रियों को नहीं मिलेगी ... Shivpuri News: शिवपुरी में तालाब में डूबने से दो चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत; गांव में पसरा मातम

Ujjain Somvati Amavasya: अधिक मास की सोमवती अमावस्या पर शिप्रा तट पर उमड़ा जनसैलाब, बना मिनी कुंभ जैसा नजारा

उज्जैन: नगरी उज्जैन में आज अधिक मास का अंतिम दिन और सोमवती अमावस्या का दुर्लभ ‘महासंयोग’ देखने को मिल रहा है। शिप्रा नदी के रामघाट और सोमकुंड पर अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। यह नजारा किसी मिनी कुंभ से कम नहीं है। इस वर्ष सोमवती अमावस्या का महत्व और अधिक बढ़ गया है क्योंकि यह ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के समापन का दिन भी है।

✨ अमृत सिद्धि योग का महापर्व काल

धार्मिक दृष्टि से आज का दिन अत्यंत फलदायी है। इस दिन ‘अमृत सिद्धि योग’ का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे शास्त्रों में जप, तप, दान और अनुष्ठान के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। विद्वानों के अनुसार, इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल अमृत के समान प्राप्त होता है। उज्जैन में इस दौरान 84 महादेव, 9 नारायण और सप्त सागर की यात्रा का विशेष विधान है।

🙏 पूजा-अर्चना और विशेष उपाय

पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार, यदि श्रद्धालु उज्जैन आकर सोमतीर्थ में स्नान न कर सकें, तो वे अपने निकटतम शिव मंदिरों में जाकर रुद्राभिषेक कर सकते हैं।

  • भगवान शिव को कच्चे दूध से स्नान कराएं।

  • सफेद वस्तुओं का दान करें।

  • सफेद आग के पुष्प (मदार) भगवान शिव को अर्पित करें।

  • पितरों की तृप्ति के लिए दान और तर्पण का विशेष महत्व है।

🛕 महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए उमड़े भक्त

शिप्रा स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि जो श्रद्धालु अधिक मास के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल नहीं हो पाए थे, वे आज सोमवती अमावस्या पर दान-पुण्य और पूजा कर अपना संकल्प पूरा कर सकते हैं। भगवान विष्णु और शिव की आराधना से न केवल पितरों को तृप्ति मिलती है, बल्कि परिवार में सुख-शांति का वास होता है।