Dhanbad BCCL Dispute: एकड़ा जोरिया नदी के अस्तित्व पर संकट; मेयर संजीव सिंह ने बीसीसीएल अधिकारियों को लगाई फटकार
झारखंड के धनबाद जिले के सिजुआ क्षेत्र से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है. यहाँ कनकनी कोलियरी में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा ओबी डंपिंग (ओवरबर्डन डंपिंग) के लिए बनाए जा रहे नए रास्ते को लेकर शुक्रवार को एकड़ा, गोपालीचक और आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों का भारी आक्रोश फूट पड़ा. ग्रामीणों के इस न्यायसंगत विरोध को अपना सीधा समर्थन देने के लिए धनबाद के मेयर संजीव सिंह भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने विवादित एकड़ा जोरिया क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद बीसीसीएल (BCCL) के आला अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. मेयर ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं, स्वास्थ्य और पर्यावरण से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
🚜 घनी आबादी वाले पासी टोला से गुजर रही थी भारी वाहनों की सड़क: एकड़ा जोरिया नदी के किनारे निर्माण का हो रहा था विरोध
पूरा मामला सिजुआ एरिया-5 की कनकनी कोलियरी में कार्यरत निजी आउटसोर्सिंग कंपनी से जुड़ा है, जो ओबी डंपिंग की समस्या के तात्कालिक समाधान के लिए एकड़ा जोरिया नदी के ठीक किनारे से एक चौड़ी सड़क बनाकर बासुदेवपुर क्षेत्र में ओबी डंप करना चाहती है. इसके लिए बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा गोपालीचक पासी टोला जैसे बेहद घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके के बीच से भारी वाहनों के लिए सड़क निर्माण कराया जा रहा था. स्थानीय ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि इस संकीर्ण रास्ते से चौबीसों घंटे भारी माइनिंग वाहनों और हाइवा की आवाजाही होने के कारण स्थानीय पर्यावरण, भूमिगत जलस्रोत और आबादी के स्वास्थ्य पर जानलेवा असर पड़ेगा. इस तीव्र विरोध के बावजूद जब आउटसोर्सिंग कंपनी ने सड़क निर्माण जारी रखा, तो लोगों की नाराजगी आंदोलन में बदल गई.
🗣️ ‘अधिकारियों ने ग्रामीणों की बातों को किया अनसुना’: वार्ड पार्षद सुनीता पासवान की अगुवाई में मेयर संजीव सिंह से की गई शिकायत
ग्रामीणों का कहना है कि जब भी वे शांतिपूर्ण तरीके से इस जनविरोधी कार्य का विरोध करते हैं, तो बीसीसीएल और आउटसोर्सिंग कंपनी के अधिकारियों द्वारा उनकी वाजिब बातों को पूरी तरह अनसुना कर दिया जाता है और पुलिसिया धौंस दिखाकर उन पर प्रशासनिक दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है. इस तानाशाही रवैए की लिखित शिकायत ग्रामीणों ने धनबाद मेयर संजीव सिंह से की, जिसके बाद मेयर तुरंत स्वयं जमीनी हकीकत जानने मौके पर पहुंच गए. घटनास्थल पर पहुंचने पर वार्ड संख्या-9 की लोकप्रिय पार्षद सुनीता पासवान की अगुवाई में सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने मेयर का पारंपरिक स्वागत किया और उन्हें ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की संवेदनशीलता से अवगत कराया.
🌊 ‘छठ पूजा और अंतिम संस्कार से जुड़ा है यह क्षेत्र’: मेयर संजीव सिंह ने बीसीसीएल को चेताया—’जबरन काम कराया तो होगा बड़ा जनआंदोलन’
गहन निरीक्षण के बाद मेयर संजीव सिंह ने बीसीसीएल अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह पूरा एकड़ा जोरिया क्षेत्र हजारों स्थानीय लोगों की आस्था, संस्कृति और पारंपरिक पर्यावरण से सीधे जुड़ा हुआ है. यहाँ वर्षों से क्षेत्र की महिलाएं छठ महापर्व का आयोजन करती आ रही हैं और स्थानीय लोग अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक व सामाजिक कार्य भी इसी जोरिया के तट पर करते हैं. ऐसे में यहाँ ओबी डंपिंग करना और मनमाने ढंग से पुल निर्माण जैसी योजनाएं थोपना स्थानीय जनभावनाओं के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेंगी. मेयर ने दो टूक कहा कि बिना स्थानीय ग्राम सभा की सहमति और प्रामाणिक पर्यावरणीय प्रभावों (EIA) का आकलन किए किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य स्वीकार्य नहीं होगा.
मेयर संजीव सिंह ने प्रबंधन पर तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर जहां दूसरी आउटसोर्सिंग कंपनियां अपने निर्धारित लीज क्षेत्र में नियमसंगत कार्य कर रही हैं, वहीं यह विशेष आउटसोर्सिंग कंपनी केवल अपने मुनाफे के लिए ऐसे रास्ते का निर्माण कर रही है जिससे एकड़ा जोरिया का अस्तित्व ही हमेशा के लिए खतरे में पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की कृषि भूमि, जलस्रोत और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी होगी. उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे इस गंभीर मामले को बीसीसीएल प्रबंधन के शीर्ष अधिकारियों और सीएमडी (CMD) के समक्ष मजबूती से उठाएंगे. फिलहाल, मेयर और ग्रामीणों के इस तीव्र विरोध के बाद ओबी डंपिंग के लिए बनाए जा रहे रास्ते का कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है.