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Hazaribagh High Voltage Drama: जमीन म्यूटेशन न होने से नाराज युवक 11 घंटे तक मोबाइल टावर पर चढ़ा, मचा बवाल

झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है. जिले के कटकमदाग प्रखंड के बानादाग में शुक्रवार को जमकर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. यहाँ एक पीड़ित युवक अंचल कार्यालय (ब्लॉक) की कार्यशैली से नाराज होकर करीब 11 घंटे तक 40 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ा रहा और नीचे कूदने की धमकी देकर बवाल करता रहा. युवक का सीधा आरोप था कि कटकमदाग अंचल कार्यालय उसकी पुश्तैनी जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) नहीं कर रहा है और उसे बार-बार दौड़ाकर कार्यालय से भगा दिया जाता है. इस मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर उसने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया.

📱 टावर के ऊपर से ही मोबाइल पर बयां करता रहा अपना दर्द: चतरा का रहने वाला है पीड़ित विकास कुमार, बानादाग में करता है काम

टावर पर चढ़े होने के दौरान भी युवक लगातार अपने मोबाइल फोन के जरिए नीचे खड़े लोगों और मीडियाकर्मियों से बात करता रहा. उसने रोते हुए कहा कि जब भी वह न्याय की उम्मीद लेकर म्यूटेशन के लिए कटकमदाग अंचल कार्यालय जाता है, तो वहां के पदाधिकारी और कर्मी कोई न कोई बहाना बनाकर उसे वापस भेज देते हैं. इस लगातार मिल रहे धोखे से वह मानसिक रूप से काफी आहत हो चुका था. टावर पर चढ़े युवक की पहचान विकास कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पड़ोसी जिले चतरा के टंडवा का रहने वाला है और वर्तमान में बानादाग एनटीपीसी (NTPC) साइडिंग में कार्यरत है. बताया जा रहा है कि फतहा स्थित उसकी जमीन का म्यूटेशन पिछले पांच से छह महीने से अंचल कार्यालय में लंबित रखा गया था.

👮 11 घंटे तक जिला प्रशासन और अंचल अधिकारी के फूले रहे हाथ-पांव: परिजनों को लिखित आश्वासन मिलने के बाद नीचे उतरा युवक

इस घटना की लाइव सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के आला अधिकारी, स्थानीय पुलिस बल और स्वयं कटकमदाग के अंचल अधिकारी (CO) सत्येंद्र नारायण पासवान दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने करीब 11 घंटे तक लाउडस्पीकर के माध्यम से युवक को समझाने-बुझाने और टावर से सुरक्षित नीचे उतरने के लिए मनाने का प्रयास किया. प्रशासन ने उसे पूरा विश्वास दिलाया कि उसके मामले का कानूनी समाधान त्वरित रूप से किया जाएगा. काफी जद्दोजहद के बाद और जब पीड़ित के परिजनों को प्रशासन द्वारा मामले के निष्पादन का लिखित आश्वासन सौंपा गया, तब जाकर युवक शांत हुआ और सुरक्षित टावर से नीचे उतरा. युवक के नीचे उतरते ही प्रशासन और परिजनों ने राहत की सांस ली.

📄 ‘म्यूटेशन रिजेक्ट होकर LRDC के लॉगिन में है लंबित’: अंचल अधिकारी सत्येंद्र नारायण पासवान ने दी मामले पर सफाई

पूरे मामले पर कटकमदाग के अंचल अधिकारी सत्येंद्र नारायण पासवान ने अपनी प्रशासनिक सफाई देते हुए जानकारी दी कि उक्त जमीन के म्यूटेशन को लेकर कुछ तकनीकी और कानूनी समस्याएं हैं. उन्होंने बताया कि युवक का म्यूटेशन अंचल स्तर से रिजेक्ट (अस्वीकृत) हो चुका है और वर्तमान में यह मामला एलआरडीसी (LRDC) के लॉगिन में प्रक्रियाधीन है. नियम के अनुसार, जब तक वहां के उच्चाधिकारियों से अंतिम सहमति नहीं मिलेगी, तब तक स्थानीय स्तर पर अंचल कार्यालय म्यूटेशन की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा सकता. अंचल अधिकारी ने कहा कि युवक और उसके परिजनों को पूरी कानूनी स्थिति समझा दी गई है और मामले की पारदर्शी जांच की जा रही है.