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Palwal News: ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर आंधी-तूफान का कहर; टेंट गिरने से महिला श्रद्धालु की मौत, कई घायल

हरियाणा के पलवल-हसनपुर क्षेत्र से एक बेहद दुखद और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है. यहाँ ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर यमुना नदी के निकट हसनपुर क्षेत्र में परिक्रमार्थियों (श्रद्धालुओं) के विश्राम के लिए लगाए गए एक अस्थाई टेंट के आंधी-तूफान में उखड़कर गिर जाने से बड़ा हादसा हो गया. टेंट अचानक गिरने की वजह से उसके नीचे दबकर कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए. इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई एक 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला श्रद्धालु की उपचार के दौरान मौत हो गई. इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है. वहीं, पीड़ित परिजनों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा और अस्पताल के उपचार में हुई अत्यधिक देरी को भी मौत का एक मुख्य कारण बताया है.

⛺ मथुरा से परिक्रमा पर निकला था महिलाओं का जत्था: भीषण गर्मी से बचने के लिए यमुना नदी के पास टेंट में लिया था सहारा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चार दिन पूर्व मथुरा के निकट राया इलाके से ब्रज 84 कोस परिक्रमा पर निकला महिलाओं का यह धार्मिक समूह (जत्था) वीरवार दोपहर के समय हसनपुर से आगे उत्तर प्रदेश की सीमा शुरू होने से ठीक पहले यमुना नदी के पास लगाए गए एक विश्राम टेंट में रुका हुआ था. इस समूह में शामिल प्रत्यक्षदर्शी महिला श्रद्धालु प्रियंका ने बताया कि चिलचिलाती और भीषण गर्मी के कारण यात्रा की थकान से राहत पाने के लिए सभी श्रद्धालु टेंट के नीचे बैठकर विश्राम कर रहे थे. इसी दौरान अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिसके बाद रास्ते में चल रहे अन्य राहगीरों ने भी पानी से बचने के लिए इसी टेंट में शरण ले ली, जिससे वहां लोगों की संख्या और अधिक बढ़ गई.

💨 चश्मदीद ने बयां किया खौफनाक मंजर: सिर पर गिरा लोहे का भारी पाइप, तड़प उठी एटा की 62 वर्षीय मोहनी देवी

प्रत्यक्षदर्शी प्रियंका के अनुसार, कुछ ही समय बाद दोबारा तेज बारिश के साथ आए भीषण आंधी-तूफान ने भयंकर रूप ले लिया, जिसके दबाव को अस्थाई टेंट झेल नहीं पाया और वह उखड़ गया. टेंट को सहारा देने के लिए लगाए गए लोहे के भारी-भरकम पाइप सीधे नीचे बैठे श्रद्धालुओं के ऊपर आ गिरे, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई. घायलों में प्रियंका की चाची सरोज तथा उनकी बुआ की वृद्ध सास मोहनी देवी (उम्र 62 वर्ष, पत्नी बलबीर सिंह) भी शामिल थीं. मोहनी देवी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जिला एटा के अंतर्गत आने वाले थाना कासगंज के गांव गड़िया नरसू की रहने वाली थीं. टेंट गिरने के दौरान एक भारी लोहे का पाइप सीधे मोहनी देवी के सिर पर आकर लगा था, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और अत्यधिक खून बहने लगा.

📞 डायल-112 पर सूचना के बाद भी नहीं पहुंची एम्बुलेंस: ऑटो से ले जाना पड़ा अस्पताल, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

प्रियंका ने प्रशासन की पोल खोलते हुए बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के लिए ‘डायल-112’ पर फोन कर सहायता मांगी थी, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी मौके पर कोई एम्बुलेंस नहीं पहुंची. इसके बाद मजबूर होकर लहूलुहान और घायल मोहनी देवी को एक स्थानीय ऑटो के माध्यम से हसनपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया. परिजनों का आरोप है कि हसनपुर के सरकारी अस्पताल में उन्हें पर्याप्त प्राथमिक चिकित्सा सुविधा और डॉक्टर नहीं मिले, जिसके कारण गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें वहां से सीधे पलवल जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया. बाद में जैसे-तैसे एम्बुलेंस की व्यवस्था कर मोहनी देवी को जिला नागरिक अस्पताल पलवल लाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश वहां के चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया.

🖤 परिक्रमार्थियों में दौड़ी शोक की लहर: पौत्र मोती सिंह बोले—’समय पर इलाज मिल जाता तो बच सकती थी दादी की जान’

मृतका के पौत्र मोती सिंह ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस दुखद हादसे की सूचना मिली, वे तुरंत फरीदाबाद से पलवल जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी दादी दम तोड़ चुकी थीं. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय रहते आपातकालीन एम्बुलेंस मौके पर आ जाती और डॉक्टरों द्वारा उचित समय पर प्राथमिक उपचार मिल जाता, तो संभवतः उनकी दादी की जान बचाई जा सकती थी. इस हादसे में मामूली रूप से घायल हुए अन्य श्रद्धालुओं का स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार कराया गया है, जो अब खतरे से बाहर हैं. पवित्र धार्मिक यात्रा के दौरान हुए इस अचानक हादसे के बाद से ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के परिक्रमार्थियों और स्थानीय ग्रामीणों में गहरी शोक की लहर है.