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Russia-Ukraine War: जेलेंस्की ने पुतिन को लिखा खुला पत्र, ‘बहुत हुआ युद्ध, स्विट्जरलैंड या तुर्किये में सीधे मिलें’

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक ऐतिहासिक और खुला पत्र (Open Letter) लिखकर सीधे मुलाकात और शांति वार्ता का बड़ा प्रस्ताव दिया है. जेलेंस्की का स्पष्ट कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने का एकमात्र रास्ता दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच आमने-सामने की सीधी बातचीत से ही निकल सकता है. जेलेंस्की ने पत्र में लिखा, “हमारी खुफिया रिपोर्टों से पता चला है कि आप अब साल 2027 और 2028 तक इस युद्ध को जारी रखने की लंबी योजना पर विचार कर रहे हैं. अब चुनाव पूरी तरह आपका है. बहुत हो गया युद्ध. यूक्रेन ने इस विनाशकारी युद्ध को समाप्त करने का प्रस्ताव आपके सामने रखा है. यह काम पूरी ईमानदारी से, गरिमा के साथ और इस अंतरराष्ट्रीय गारंटी के साथ किया जाना चाहिए कि भविष्य में यह युद्ध दोबारा शुरू नहीं होगा.”

✉️ 1,800 शब्दों के पत्र में अमेरिका पर साधा निशाना: ‘यूएस का ध्यान ईरान पर है, हम यूरोप के युद्ध के लिए इंतजार नहीं कर सकते’

1,800 से ज्यादा शब्दों वाले इस विस्तृत लेटर में जेलेंस्की ने वैश्विक राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका का ध्यान इस समय पूरी तरह से ईरान और मध्य पूर्व के संकट पर केंद्रित है. ऐसे में यूक्रेन और रूस दोनों को यह इंतजार कतई नहीं करना चाहिए कि यूरोप का यह युद्ध फिर से अमेरिका की पहली प्राथमिकता बने. उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थायी शांति तभी संभव है जब दोनों पड़ोसी देश बिना किसी तीसरे पक्ष के सीधे मेज पर बैठकर बातचीत करें. जेलेंस्की ने आधिकारिक प्रस्ताव दिया कि इस बातचीत के दौरान दोनों तरफ से पूरी तरह से युद्धविराम (Ceasefire) लागू किया जाए, हालांकि पुतिन इससे पहले कई बार इस तरह की एकतरफा मांग को खारिज कर चुके हैं.

😏 जेलेंस्की ने पुतिन पर कसा तीखा तंज: ’26 साल की सत्ता से दिखने लगा है उम्र का असर’, तटस्थ देश में बैठक का न्योता

इस पत्र में जेलेंस्की ने कूटनीतिक भाषा के साथ-साथ पुतिन पर तीखा तंज भी कसा. जेलेंस्की ने लिखा कि पिछले 26 साल से लगातार रूस की सत्ता में रहने के कारण अब उम्र का साफ असर पुतिन के फैसलों पर दिखाई देने लगा है. इसके साथ ही उन्होंने हाल के दिनों में रूस के अंदरूनी हिस्सों में हुए यूक्रेनी ड्रोन और मिसाइल हमलों का भी खुलकर जिक्र किया. उन्होंने लिखा, “यूक्रेन इस युद्ध को आपके और हमारे बीच सीधी बातचीत के जरिए ही खत्म करना चाहता है. मैं आपसे आमने-सामने की मुलाकात का औपचारिक प्रस्ताव देता हूं.” उन्होंने सुझाव दिया कि यह ऐतिहासिक बैठक स्विट्जरलैंड या तुर्किये जैसे किसी भी अंतरराष्ट्रीय तटस्थ देश (Neutral Country) की धरती पर आयोजित की जा सकती है.

दूसरी ओर, क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति कार्यालय) ने पुष्टि की है कि उसे यह आधिकारिक पत्र मिल गया है और पुतिन को इसकी विस्तृत जानकारी दी जाएगी. हालांकि, रूस ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि अगर जेलेंस्की वास्तव में मिलना चाहते हैं, तो वह बातचीत के लिए सीधे मॉस्को आ सकते हैं. सेंट पीटर्सबर्ग में अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों से बातचीत के दौरान पुतिन ने कहा कि वह यूक्रेन के साथ समझौता करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों को व्यावहारिक रुख अपनाते हुए कुछ बड़े समझौते करने होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ (EU) को चाहिए कि वह जेलेंस्की को कुछ विवादित क्षेत्रों पर अपना दावा छोड़ने के लिए मनाए.

🇷🇺 क्या है रूस की मुख्य डिमांड? इन शर्तों को मानने से यूक्रेन का साफ इनकार

रूस लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मांग कर रहा है कि यूक्रेन कानूनी रूप से डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसोन और जापोरिज्जिया जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से अपना दावा हमेशा के लिए छोड़ दे और इसके साथ ही पश्चिमी देशों के सैन्य संगठन नाटो (NATO) में शामिल होने की अपनी कोशिशों को तुरंत बंद कर दे. लेकिन यूक्रेन इन शर्तों को घुटने टेकने जैसा मानता है और इन्हें मानने से साफ इनकार करता है. यूक्रेन का तर्क है कि अगर उसने आज ये शर्तें मान लीं, तो रूस अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाकर भविष्य में उस पर फिर से बड़ा हमला कर सकता है. जेलेंस्की ने अपने लेटर में भावुक होते हुए लिखा कि यूक्रेन हर दिन जंग के मैदान में अपने निर्दोष लोगों को खो रहा है और हर एक नागरिक की मौत उसके लिए बेहद दर्दनाक है. उन्होंने यह भी दावा किया कि रूसी आम जनता भी अब इस लंबे खिंचते युद्ध, यूक्रेनी ड्रोन हमलों, देश में पेट्रोल की भारी किल्लत और लगातार बढ़ती महंगाई से बुरी तरह परेशान हो चुकी है.

🤝 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया मुलाकात का खुला समर्थन, कहा—”दोनों को युद्ध खत्म करना ही चाहिए”

इस बड़े वैश्विक घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दोनों शीर्ष नेताओं की इस संभावित मुलाकात का खुलकर पुरजोर समर्थन किया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, “अगर पुतिन और जेलेंस्की एक मंच पर सीधे मिलते हैं, तो यह वैश्विक शांति के लिए बहुत अच्छी बात होगी. उन्हें आपसी बातचीत के जरिए हर हाल में इस युद्ध को अब खत्म करना चाहिए.” ट्रंप ने इसके साथ ही यह दावा भी किया कि वर्तमान अमेरिकी प्रशासन ने दोनों देशों को शांति और वार्ता की मेज के करीब लाने में सबसे अहम और ऐतिहासिक भूमिका निभाई है.