MP Transport News: मध्यप्रदेश में अब 7 क्षेत्रों में होगा बस संचालन; मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की नई कार्ययोजना तैयार
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य की यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई ‘मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ की बैठक में प्रदेश को 7 प्रमुख क्षेत्रों—इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा—में विभाजित कर बस संचालन की नई कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है।
🚀 इंदौर से होगा पीएम ई-बस सेवा का आगाज
इस नई परिवहन व्यवस्था की शुरुआत सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से की जाएगी। योजना के तहत पीएम ई-बस सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत बसों का संचालन होगा। इंदौर में जुलाई माह से 150 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का प्रस्ताव है। यह बसें न केवल शहर के भीतर, बल्कि इंदौर संभाग के समस्त जिलों और पड़ोसी राज्यों (महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान व उत्तर प्रदेश) तक कनेक्टिविटी बढ़ाएंगी।
✅ निजी बस संचालकों के लिए राहत
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई परिवहन व्यवस्था का वर्तमान में संचालित निजी बसों के परमिट या अनुज्ञा-पत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। निजी बसें पूर्ववत अपनी व्यवस्था के अनुसार संचालित होती रहेंगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुरक्षित, सुलभ और व्यवस्थित बनाना है।
📊 विस्तृत कार्ययोजना: 5206 बसें और 1164 मार्ग
परिवहन विभाग की योजना के अनुसार, संपूर्ण प्रदेश के 7 क्षेत्रों में कुल 1164 मार्गों को चिन्हित किया गया है, जिन पर चरणबद्ध तरीके से कुल 5206 बसें संचालित की जाएंगी। आमजन की सुविधा के लिए शहर से महत्वपूर्ण उप-नगरीय क्षेत्रों तक सिटी बसें पहुंचेंगी, जिससे आवागमन अधिक सुगम हो जाएगा।
🏢 संगठनात्मक ढांचा और रोजगार के अवसर
परिवहन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी और 7 सहायक क्षेत्रीय कंपनियों का गठन किया गया है। संचालक मण्डल ने इन कंपनियों के लिए कुल 1190 पदों के सृजन को स्वीकृति दी है, जिन्हें आगामी 4 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। इसमें आईटी, प्लानिंग, मानव संसाधन, अधोसंरचना और गुणवत्ता विभाग जैसे 7 प्रमुख विभाग कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को इन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
संपादकीय टिप्पणी: सार्वजनिक परिवहन में हो रहे ये सुधार न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देंगे, बल्कि शहरों और उप-नगरीय क्षेत्रों के बीच की दूरी को भी कम करेंगे। क्या आपको लगता है कि इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार राज्य में प्रदूषण कम करने और यात्रा को सस्ता बनाने में क्रांतिकारी साबित होगा? अपने विचार नीचे साझा करें।