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ED Raids on Drugs Network: दाऊद इब्राहिम के करीबी सलिम डोला पर ईडी का शिकंजा; मुंबई से राजकोट तक 20 जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ते हुए मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट सहित 20 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी माने जाने वाले सलिम इस्माइल डोला और उसके सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है। गौरतलब है कि सलिम डोला को पिछले महीने ही तुर्की से भारत प्रत्यर्पित कर लाया गया था।

⛓️ कौन-कौन हैं जांच के दायरे में?

ईडी की यह छापेमारी उन सभी कड़ी पर केंद्रित है जो इस संगठित अपराध का हिस्सा हैं। जांच के घेरे में मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल सप्लायर और ट्रेडर।

  • मेफेड्रोन (MD) बनाने वाले ड्रग निर्माता और तस्कर।

  • हवाला ऑपरेटर और अवैध लेन-देन संभालने वाले बिचौलिए।

  • ड्रग्स की कमाई से बेनामी संपत्ति खरीदने वाले सहयोगी और अन्य लोग।

🌐 एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश

ईडी के अनुसार, यह गिरोह बेहद व्यवस्थित तरीके से काम कर रहा था। यह न केवल गुप्त फैक्ट्रियों में मेफेड्रोन तैयार करता था, बल्कि विदेशों तक ड्रग्स की तस्करी भी करता था। अवैध कमाई को छिपाने के लिए हवाला का उपयोग किया जाता था और ड्रग्स की कमाई को रियल एस्टेट व अन्य संपत्तियों में निवेश किया जा रहा था। जांच एजेंसी अब पूरे नेटवर्क—जिसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), अकाउंटेंट और केमिकल फैक्ट्रियों के संचालक भी शामिल हैं—की वित्तीय कड़ियों को जोड़ रही है।

⚖️ क्या है पूरा मामला?

यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच मुंबई में सलिम डोला और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज विभिन्न FIR के आधार पर शुरू की गई है, जिनमें मादक पदार्थों की तस्करी के गंभीर आरोप शामिल हैं। हाल के वर्षों में ड्रग्स-मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ इसे सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इन छापों के बाद आने वाले दिनों में तस्करी से जुड़ी और भी कई बड़ी जानकारियां सामने आएंगी।