ब्रेकिंग
Jammu Road Accident: जम्मू में बड़ा हादसा; फरीदाबाद के 3 युवकों की दर्दनाक मौत, कार और बस की टक्कर Yamunanagar News: ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली युवती लापता, नहर में मिला शव; प्रेमी की तलाश जारी Ballabgarh Crime News: अवैध शराब की सूचना पर पुलिस की बड़ी छापेमारी; ग्राइंडर से दरवाजा काटकर घर में ... Under-17 World Wrestling Championship: हरियाणा की बेटियों का दबदबा; भारतीय कुश्ती टीम में चुनी गईं 6... Tohana Bus Accident: फतेहाबाद-टोहाना मार्ग पर बस पलटी; हादसे में 3 यात्रियों की मौत, दर्जनभर घायल Rohtak Fire Incident: रोहतक डी पार्क अग्निकांड स्थल पर पहुंचे CM नायब सैनी; मृतकों के प्रति संवेदना ... Haryana Administrative News: हरियाणा में 11 नए IAS पद सृजित; गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत 5 शहरों के लिए... Rohtak Crime News: रोहतक के इस्माइला गांव में युवक की गला रेतकर नृशंस हत्या; वाटर टैंक के पास मिला श... Housewife's Contribution to Economy: गृहिणियों का योगदान राष्ट्र निर्माण में कितना? जानें क्यों जरूर... Housewife's Contribution to Economy: गृहिणियों का योगदान राष्ट्र निर्माण में कितना? जानें क्यों जरूर...

KGMU Lucknow: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में 6 मजारें अवैध घोषित; प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परिसर में स्थित कुल 8 मजारों की गहन जांच की, जिसमें से 6 मजारों को अवैध घोषित कर दिया गया है। इन मजारों को हटाने और अग्रिम कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिला प्रशासन और पुलिस को पत्र भेजकर मदद मांगी है।

🔍 सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद हुई जांच

सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा महिला स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में KGMU परिसर में सुरक्षा और अतिक्रमण की जांच की गई थी। इस जांच के दौरान यह पाया गया कि अस्पताल परिसर में स्थित मजारें मरीजों के आवागमन मार्ग में बाधा उत्पन्न कर रही हैं, जिससे विशेषकर गंभीर मरीजों को लाने-ले जाने में भारी कठिनाई हो रही है।

📋 नोटिस के बाद भी नहीं मिला जवाब

KGMU प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह के अनुसार, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन 8 मजारों के जिम्मेदारों को नोटिस भेजकर उनसे वैध दस्तावेज मांगे थे।

  • वैध मजारें: ‘शाहमीना साहब की दरगाह’ और ‘हरमैन साहब की मजार’ के प्रबंधकों ने दस्तावेज पेश किए, जिससे इनकी प्राचीनता प्रमाणित हुई।

  • अवैध मजारें: बाकी 6 मजारों के जिम्मेदारों को तीन बार नोटिस भेजा गया, लेकिन किसी ने भी कोई जवाब नहीं दिया।

🏗️ जल्द हो सकती है बुलडोजर कार्रवाई

प्रशासन ने इन 6 मजारों को ‘लावारिस’ श्रेणी में रखते हुए अवैध घोषित कर दिया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने 12 तारीख को जिला प्रशासन और पुलिस को पत्र भेजकर इन संरचनाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। निर्माण सामग्री (ईंट-टाइल्स) के आधार पर यह स्पष्ट है कि ये मजारें हाल के वर्षों में बनाई गई हैं। अब जल्द ही इन अवैध मजारों पर बुलडोजर चलाकर परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने की तैयारी है।