ब्रेकिंग
Raipur Weather News: रायपुर में नौतपा के बीच बदला मौसम का मिजाज; तेज आंधी-बारिश से मिली गर्मी से राह... SIS Recruitment Jashpur: जशपुर में सुरक्षा अधिकारी बनने का सुनहरा मौका; 150 पदों पर भर्ती, जानें योग... Baikunthpur Crime News: बैकुंठपुर के कुमार चौक पर बड़ी चोरी; बैंक से पैसे निकाल कर लौटे सचिव की डिक्क... Surajpur Election News: शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव में सियासी पारा गरम; भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया ... Rajnandgaon News: दीवान भेड़िया में फर्जी एनओसी और डायवर्सन का मामला; भाजपा कार्यकर्ताओं ने सौंपा सा... Rajnandgaon News: थाना बैरक में शराब पीना पड़ा भारी; दो प्रधान आरक्षक निलंबित, पुलिस विभाग में हड़कंप Raipur Mall Parking News: मॉल्स में फ्री पार्किंग या सिर्फ व्यवस्था सुधार? प्रशासन के संशोधित आदेश स... Bastar Tendupatta Godown Fire: सरगीपाल गोदाम में लगी भीषण आग; संदिग्ध शख्स गिरफ्तार, साजिश का शक Bijapur Fire News: तेंदूपत्ता गोदाम में 10 करोड़ की आग; वन मंत्री केदार कश्यप ने बीजापुर DFO को किया... Jeweler Looted in Dumka: बाइक सवार 5 लुटेरों ने व्यवसायी को बनाया निशाना; कनपटी पर पिस्टल सटाकर की ल...

Eid-ul-Adha Special: कुर्बानी का क्या है असली अर्थ? बिना मांस के कैसे मनाते हैं शाकाहारी मुसलमान यह त्योहार

दुनियाभर में मुसलमान अपना सबसे खास त्योहार ‘इद-उल-अजहा’ (बकरीद) मनाने की तैयारियों में जुटे हैं। जहाँ सऊदी अरब और खाड़ी देशों में कुर्बानी 27 मई को है, वहीं भारत और अन्य एशियाई देशों में यह 28 मई को मनाई जा रही है। यह त्योहार हजरत इब्राहिम के अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास और उनके हुक्म के आगे सर झुकाने की याद में मनाया जाता है। त्योहार के दौरान पशु की कुर्बानी देने की परंपरा है, जिसे लोग मिल-बांटकर खाते हैं। हालांकि, एक महत्वपूर्ण सवाल अक्सर सामने आता है कि जो मुसलमान शाकाहारी (Vegetarian) हैं, वे इस त्योहार को कैसे मनाते हैं?

📈 शाकाहारी मुसलमानों की बढ़ती संख्या

प्यू रिसर्च और अन्य सर्वेक्षणों के अनुसार, दुनिया के कई देशों में शाकाहारी मुसलमानों की संख्या में वृद्धि हुई है। भारत में लगभग 8 प्रतिशत मुसलमान खुद को शाकाहारी मानते हैं, जो मांस या मछली का सेवन नहीं करते। इसी तरह, सऊदी अरब, इंडोनेशिया और तुर्की जैसे मुस्लिम बहुल देशों में भी शाकाहारी और वीगन जीवनशैली अपनाने वाले मुसलमानों की एक बड़ी आबादी मौजूद है, जो स्वास्थ्य, नैतिकता या पशु प्रेम के कारण इस राह को चुन रहे हैं।

🤲 शाकाहारी मुसलमान कैसे मनाते हैं बकरीद?

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, शाकाहारी मुसलमान ईद-उल-अजहा के दिन कुर्बानी की पारंपरिक प्रक्रिया में सीधे शामिल नहीं होते। उनके लिए इस त्योहार का अर्थ ‘त्याग और दान’ है। ब्रिटेन की आयशा यूनुस हों या बेरूत की फौजिया, इन सभी का मानना है कि त्योहार का सार यह है कि श्रद्धालु अपने लिए मूल्यवान किसी चीज का त्याग करे और जरूरतमंदों की मदद करे।

✨ दान और मानवता ही त्योहार का मूल संदेश

शाकाहारी मुसलमान बकरीद के दिन नए कपड़े पहनते हैं, दोस्तों और परिवार के साथ शुद्ध शाकाहारी दावत बनाते हैं और गरीबों की सहायता के लिए बढ़-चढ़कर दान करते हैं। इस्तांबुल की जहरा के शब्दों में, “कुर्बानी का अर्थ सिर्फ पशु की बलि देना नहीं, बल्कि अपनी प्रिय वस्तु का त्याग कर दूसरों के जीवन में खुशहाली लाना है।” शाकाहारी मुसलमान इसी भावना को अपनाकर ईद की खुशियों को दोगुना करते हैं, जो मानवता और सेवा के संदेश को पुख्ता करता है।