Vidisha Shocking News: बेटे की लाश के पास बाइबल रखकर 5 दिन तक प्रार्थना करती रही मां; मौत का राज जानकर पुलिस भी हैरान
विदिशा: जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। एक रिटायर्ड शिक्षिका मां अपने मृत बेटे की लाश के पास पांच दिनों तक इस उम्मीद में बैठी रही कि वह फिर से जीवित हो जाएगा। मामला तब खुला जब सुबह दूधवाले ने दरवाजे से खून बहते देखा और पुलिस को सूचना दी। कमरे में एक 42 वर्षीय युवक की लाश सड़ चुकी थी, जिसके सिरहाने उसकी मां बेहद शांत भाव से बैठी थी और सीने पर पवित्र बाइबल रखी हुई थी।
🥀 अंधविश्वास और गहरे अवसाद की दास्तां
मृतक युवक मुंबई की एक फैशन डिजाइनिंग कंपनी में कार्यरत था, लेकिन बीमारी के कारण वह अपनी मां के साथ विदिशा में रह रहा था। पिता की मौत के बाद घर में वे दोनों अकेले थे। पांच दिन पहले जब युवक ने दम तोड़ा, तो सदमे में डूबी मां का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। ममता और अंधविश्वास के वश में होकर उन्होंने उसे मृत मानने से इनकार कर दिया और उसकी पुनर्जीवित होने की प्रार्थना में दिन-रात बिताने लगीं। पड़ोसियों को भी इस पूरी घटना की भनक तक नहीं लगी क्योंकि मां रोज की तरह सामान्य व्यवहार करती रही।
🚔 पुलिस का चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन
जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, तो उस लाचार मां ने शव को छूने से भी मना कर दिया। उसे डर था कि पुलिस उसकी प्रार्थना भंग कर देगी। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया। मृतक के विदेश में रहने वाले भाइयों को सूचित कर दिया गया है। फिलहाल, विदिशा एसपी रोहित काशवाणी के निर्देश पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके। वहीं, डिप्रेशन से जूझ रही बुजुर्ग मां को फिलहाल डॉक्टरी निगरानी में रखा गया है, ताकि उन्हें इस बड़े सदमे से उभारा जा सके।