Mumbai Bakrid Controversy: हाउसिंग सोसायटियों में कुर्बानी पर विवाद; BMC ने घाटकोपर की सागर पार्क सोसाइटी में परमिशन रद्द की
मुंबई: मीरा रोड के बाद अब मुंबई के घाटकोपर और गोरेगांव जैसे इलाकों में बकरीद पर कुर्बानी को लेकर विवाद गहरा गया है। घाटकोपर की सागर पार्क सोसाइटी और गोरेगांव के गोकुलधाम इलाके में रहिवासियों ने सोसाइटी परिसर में कुर्बानी देने का कड़ा विरोध किया है। निवासियों का तर्क है कि इससे गंदगी, बदबू और स्वच्छता संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं। लोगों की बढ़ती शिकायतों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, BMC (बृहन्मुंबई नगर निगम) ने सागर पार्क सोसाइटी के लिए दी गई कुर्बानी की अनुमति को रद्द कर दिया है।
🏠 निवासियों की आपत्ति: ‘किसी परंपरा से विरोध नहीं, केवल स्वच्छता की चिंता’
विरोध कर रहे सोसाइटी सदस्यों का कहना है कि उन्हें किसी के त्योहार या धार्मिक परंपरा से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन रिहायशी परिसर में कुर्बानी से फैलने वाली दुर्गंध, खून और गंदगी से उनका रहना मुश्किल हो गया है। निवासियों का आरोप है कि मैनेजिंग कमेटी ने बिना आम सहमति के एनओसी जारी कर दी थी। शिकायत में बॉम्बे हाई कोर्ट के पुराने दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और फायर सेफ्टी के नियमों के तहत रिहायशी सोसायटियों में ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
⚖️ प्रशासनिक हस्तक्षेप और गोकुलधाम का मामला
घाटकोपर के अलावा गोरेगांव (पूर्व) के गोकुलधाम स्थित सैटेलाइट गार्डन फेज-2 में भी स्थानीय नागरिकों और नगरसेविका प्रीति सातम ने प्रशासन को पत्र लिखकर खुले में कुर्बानी पर रोक लगाने की मांग की है। पत्र में तर्क दिया गया है कि संबंधित परिसर के आसपास स्कूल, अस्पताल और धार्मिक स्थल हैं, जिससे विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों की भावनाओं पर असर पड़ सकता है। प्रशासन ने पिछले साल भी जनभावनाओं को देखते हुए हस्तक्षेप किया था।
🛡️ कानून-व्यवस्था और एहतियात
विवाद बढ़ता देख पुलिस और प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। घाटकोपर की सोसाइटी में किरीट सोमैया के दौरे की खबर के बाद पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। BMC का स्पष्ट रुख है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्थानीय शांति व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन अब लगातार सभी संबंधित सोसायटियों पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने जैसी स्थिति से बचा जा सके।