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Bihar Politics JDU Row: जेडीयू में बड़ा घमासान; आनंद मोहन का नीतीश कुमार पर हमला—’थैली पहुंचाने वाले ही बनते हैं मंत्री’

पटना: बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर एक बहुत बड़ा अंदरूनी घमासान मच गया है। इस सियासी बवाल की शुरुआत सीतामढ़ी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद आनंद मोहन द्वारा जेडीयू और नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोलने से हुई। आनंद मोहन ने मंत्रिमंडल में जगह देने को लेकर पैसों के खेल का गंभीर आरोप लगाते हुए सार्वजनिक मंच से कहा कि, “जो थैली (पैसा) पहुंचाएंगे, वही मंत्री बन जाएंगे।” इतना ही नहीं, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को लेकर भी एक बेहद विवादित और बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को जिंदा रहते ही इन लोगों (आसपास के नेताओं) ने दफन कर दिया है। आनंद मोहन के इस विस्फोटक बयान के बाद बिहार के सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है।

⚔️ नीतीश कुमार के कुर्सी छोड़ते ही शुरू हुए सियासी हमले: बेटे चेतन आनंद को मंत्री न बनाए जाने से नाराज है आनंद मोहन परिवार

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नीतीश कुमार के कुर्सी छोड़ते ही उनकी पार्टी और खुद उनके ऊपर चौतरफा सियासी हमले शुरू हो गए हैं। सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल के नए विस्तार के बाद यह घमासान और ज्यादा तेज हो गया है। दरअसल, इसके पीछे टिकट और मंत्री पद का बड़ा विवाद माना जा रहा है। आनंद मोहन और उनकी सांसद पत्नी लवली आनंद ने अपने जेडीयू विधायक बेटे चेतन आनंद को इस नए मंत्रिमंडल में मंत्री बनवाने की पुरजोर कोशिश की थी, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाए। तभी से आनंद मोहन लगातार नीतीश कुमार और जेडीयू के कुछ अन्य शीर्ष नेताओं पर हमलावर हैं।

इसके अलावा एक और विवाद शिवहर सीट को लेकर है। शिवहर, जहां से आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद वर्तमान में जेडीयू की सांसद हैं, वहीं से आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद आगामी विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहते थे। लेकिन जेडीयू आलाकमान ने उन्हें वहां से टिकट न देकर औरंगाबाद के नवीनगर भेज दिया और शिवहर से श्वेता गुप्ता को चुनाव लड़ाया गया। अब श्वेता गुप्ता को नीतीश कैबिनेट में मंत्री भी बना दिया गया है। ऐसे में आनंद मोहन परिवार को डर सता रहा है कि शिवहर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र कहीं पूरी तरह उनके हाथ से न निकल जाए।

💰 मंत्री पद और टिकट विवाद के बीच जेडीयू में अंदरूनी कलह तेज: आनंद मोहन के तीखे तीरों से हिला सत्ता गलियारा

सीतामढ़ी के कार्यक्रम में पूर्व सांसद आनंद मोहन ने मंच से जो बयान दिया, उसने जेडीयू संगठन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आनंद मोहन ने सीधे तौर पर सत्ता के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब जेडीयू में मंत्री बनने के लिए किसी योग्यता या निष्ठा की जरूरत नहीं है, बल्कि सिर्फ ‘थैली’ चल रही है। जो नेताओं तक मोटी रकम पहुंचाएगा, उसे ही लाल बत्ती (मंत्री पद) मिलेगी। उन्होंने नीतीश कुमार के कमजोर होते प्रभाव पर तंज कसते हुए कहा कि उनके आसपास के चाटुकार नेताओं ने ही नीतीश कुमार को जीते जी राजनीतिक रूप से दफन कर दिया है। उनके इस बयान को जेडीयू के अंदर लंबे समय से पनप रही गुटबाजी और सत्ता के अंदरूनी संघर्ष के रूप में देखा जा रहा है।

🛑 मंत्री लेसी सिंह का आनंद मोहन पर करारा पलटवार: कहा—”पूरी दुनिया में किसी में दम नहीं जो हमारे नेता को दफन कर दे”

आनंद मोहन के इन तीखे आरोपों पर जेडीयू खेमे से भी कड़ी और त्वरित प्रतिक्रिया सामने आई है। नीतीश सरकार में मंत्री लेसी सिंह ने आनंद मोहन के बयान पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि, “जो लोग हमारे सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहे हैं, उन्हें मैं साफ बता देना चाहती हूं कि पूरे बिहार की जनता नीतीश कुमार के साथ मजबूती से खड़ी है।” लेसी सिंह ने आगे कहा कि नीतीश कुमार का नेतृत्व बेहद सक्षम है और पार्टी का हर छोटा-बड़ा कार्यकर्ता उनके हर निर्णय को सहर्ष स्वीकार करता है।

उन्होंने आनंद मोहन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ऐसे बेबुनियाद बयान देकर आप सीधे अपने नेतृत्व और साक्षमता पर सवाल उठा रहे हैं। पूरे ब्रह्मांड या दुनिया में किसी के पास ऐसी कोई राजनीतिक ताकत नहीं है, जो विकास पुरुष नीतीश कुमार को जीते जी दफन कर दे। पार्टी का एक-एक सिपाही नीतीश जी के साथ है और उनके फैसलों के साथ खड़ा रहेगा।

⛓️ जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार की दोटूक चेतावनी: बोले—”नीतीश कुमार न होते तो आज भी जेल में होते आनंद मोहन”

मामले को शांत न होते देख जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने आनंद मोहन को उनकी कानूनी स्थिति याद दिलाते हुए बड़ा हमला बोला। नीरज कुमार ने कहा कि, “आनंद मोहन हमारी पार्टी जेडीयू के प्राथमिक सदस्य भी नहीं हैं। उनका परिवार (पत्नी और बेटा) भले ही जेडीयू में है, लेकिन आनंद मोहन तकनीकी रूप से पार्टी से बाहर हैं।” उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि आनंद मोहन को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि अगर मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार ने कानूनी नियमों में संशोधन न किया होता, तो आनंद मोहन शायद आज भी जेल की सलाखों से बाहर नहीं आ पाते।

नीरज कुमार ने आगे गिनाया कि जेडीयू ने ही उनकी पत्नी लवली आनंद को सांसद बनाया और उनके बेटे चेतन आनंद को विधायक का टिकट देकर चुनाव जितवाया। अब इतनी बड़ी राजनीतिक सहूलियतें मिलने के बाद भी यदि वे अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं (अपेक्षाओं) के लिए पार्टी को कटघरे में खड़ा करके इस तरह के अमर्यादित बयान देते हैं, तो यह पूरी तरह से अनैतिक और गलत है।

📢 अंदरूनी सिरफुटौवल के बीच विपक्ष को मिला मौका: राजद प्रवक्ता भाई वीरेंद्र का दावा—”जल्द ही बिखर जाएगी जेडीयू”

जेडीयू के भीतर मचे इस आंतरिक घमासान और खुली बयानबाजी ने विपक्षी खेमे को सरकार को घेरने का एक बड़ा और सुनहरा मौका दे दिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर चुटकी लेते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मुख्य प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने एक बड़ा दावा कर दिया है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि जेडीयू के भीतर अंदरूनी असंतोष अब चरम सीमा पर पहुंच चुका है और नेताओं में टिकट व मलाईदार पदों को लेकर भयंकर सिरफुटौवल मची हुई है। उन्होंने दावा किया कि जेडीयू अब ताश के पत्तों की तरह बहुत जल्द बिखरने और टूटने वाली है और नीतीश कुमार का राजनीतिक प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अब देखना यह होगा कि आनंद मोहन के इस बागी रुख पर जेडीयू आलाकमान क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई करता है।