Bada Mangal 2026: 19 मई को है ज्येष्ठ महीने का तीसरा बड़ा मंगल, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और अचूक उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ महीने के हर मंगलवार को मनाया जाने वाला बुढ़वा मंगल या ‘बड़ा मंगल’ भगवान हनुमान की विशेष कृपा प्राप्त करने का बेहद शुभ और पावन अवसर माना जाता है। सनातन परंपरा के मुताबिक, इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने पर भक्तों के सभी प्रकार के संकट, रोग और शोक दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य का आगमन होता है। खासतौर पर उत्तर भारत में बड़े मंगल का विशेष ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व है, जहां लोग बड़े पैमाने पर भंडारे, महापूजन, शरबत वितरण और नि:स्वार्थ सेवा कार्य करके बजरंगबली की कृपा पाने का प्रयास करते हैं। इसी कड़ी में तीसरा बड़ा मंगल इस बार 19 मई 2026 को पड़ रहा है, जिसे ज्योतिषीय गणना के अनुसार बहुत ही शुभ और सर्वार्थसिद्धि दायक फलदायी माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से किए गए उपाय जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाओं को समाप्त कर सोई हुई किस्मत को चमका सकते हैं।
🍯 बजरंगबली को बेहद प्रिय हैं ये 5 चीजें: तीसरे बड़े मंगल पर अवश्य लगाएं इन पवित्र वस्तुओं का भोग
धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी को कुछ विशेष चीजें अर्पित करने से वे अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की हर प्रकार के अमंगल से रक्षा करते हैं। तीसरे बड़े मंगल पर निम्नलिखित चीजें चढ़ाना सर्वश्रेष्ठ और मंगलकारी माना गया है:
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🧡 सिंदूर और चमेली का तेल: हनुमान जी को शुद्ध सिंदूर और चमेली के तेल से चोला चढ़ाना बहुत ही पुण्यदायी माना जाता है, इससे ग्रह दोष शांत होते हैं।
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लड्डू का भोग: बजरंगबली को बूंदी अथवा बेसन के लड्डू बेहद प्रिय हैं, इसका नैवेद्य लगाने से वे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
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🍌 केला, गुड़ और चना: पके हुए केले और गुड़-चना का भोग भी हनुमान जी के अत्यंत प्रिय और सात्विक भोजन माने जाते हैं।
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🍃 मीठा पान: कुछ स्थानों पर हनुमान जी को ‘कसैली रहित’ मीठा पान अर्पित करने की भी समृद्ध परंपरा है, जिससे जीवन के जटिल काम बन जाते हैं।
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🌺 लाल पुष्प: लाल रंग शौर्य का प्रतीक है और हनुमान जी को अत्यंत प्रिय है, इसलिए पूजा में लाल गुलाब या अड़हुल के फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है।
🪔 इस विधि से करें महाबली हनुमान की पूजा: सुंदरकांड और बजरंग बाण के पाठ से मिलेगा विशेष और अक्षय फल
तीसरे बड़े मंगल के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जल्दी उठकर स्नान करें और लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पास के किसी हनुमान मंदिर जाकर या घर के ही पूजाघर में बजरंगबली की मूर्ति या उनकी फोटो के सामने शुद्ध गाय के घी का या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। भगवान को तिलक लगाएं और लाल फूल अर्पित करें। इस महासंयोग के दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड (Sunderkand) या बजरंग बाण का श्रद्धापूर्वक पाठ करना सर्वबाधा नाशक और बेहद शुभ माना जाता है। आरती पूरी होने के बाद शांत चित्त से अपनी मनोकामना प्रभु के समक्ष मागें। यदि संभव हो, तो इस पवित्र दिन पर जरूरतमंदों व गरीबों को भरपेट भोजन कराना, जल पिलाना या मौसमी फलों का दान करना भी महापुण्यदायी फल प्रदान करता है।