ब्रेकिंग
Raxaul News: भारत-नेपाल सीमा पर संदिग्ध चीनी नागरिक गिरफ्तार, ई-रिक्शा से जा रहा था नेपाल, SSB ने दब... Telangana POCSO Case: पॉक्सो मामले में बंदी भगीरथ को झटका, हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद किया स... Bengal Politics: सॉल्ट लेक में टीएमसी दफ्तर से बरामद हुए कई आधार कार्ड, बीजेपी के ताला खोलने के बाद ... Ulhasnagar Crime News: उल्हासनगर में इंसानियत शर्मसार! मंदिर प्रवेश विवाद में महिलाओं के बाल काटे, च... Samba Narco Demolition: सांबा में ड्रग तस्करों के 'नार्को महलों' पर चला बुलडोजर, 60 करोड़ की 50 कनाल... Delhi Startup Scheme: दिल्ली में महिलाओं को स्टार्टअप के लिए मिलेगा ₹10 करोड़ का बिना गारंटी लोन, सी... Bharatmala Expressway Accident: बालोतरा में भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर पलटी स्कॉर्पियो, गुजरात के 3 श्... केरल शपथ ग्रहण: सीएम वी डी सतीशन के साथ 20 मंत्री भी लेंगे शपथ; राहुल, प्रियंका और खरगे रहेंगे मौजूद CBSE 12th Result: सीबीएसई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद पर शिक्षा सचिव संजय कुमार का बड़ा बयान, फी... Jamui Viral News: जमुई में बुढ़ापे के अकेलेपन से तंग आकर 65 के बुजुर्ग और 62 की महिला ने मंदिर में र...

Bengal Politics: सॉल्ट लेक में टीएमसी दफ्तर से बरामद हुए कई आधार कार्ड, बीजेपी के ताला खोलने के बाद पुलिस ने किया सीज

कोलकाता/बिधाननगर: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर पहचान पत्रों को लेकर बड़ा सियासी घमासान शुरू हो गया है। बिधाननगर के सॉल्ट लेक इलाके में स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक दफ्तर से चुनाव से पहले भारी मात्रा में आधार कार्ड मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस टीएमसी दफ्तर पर कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ताला जड़ दिया था। आज जब प्रशासनिक मौजूदगी में इस दफ्तर का ताला दोबारा खोला गया, तो अंदर से बड़ी संख्या में आधार कार्ड बरामद हुए। मौके पर पहुंची बिधाननगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी कार्ड्स को तुरंत अपने कब्जे में लेकर सीज कर लिया है। हालांकि, इस मामले में इलाके के रहने वाले स्थानीय लोगों ने चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि बरामद किए गए ये कार्ड्स स्थानीय नागरिकों के ही हैं, जिन्होंने अपने सरकारी पहचान पत्र के लिए आवेदन करते समय इस पार्टी दफ्तर का इस्तेमाल सिर्फ एक संपर्क केंद्र (कन्फर्मेशन एड्रेस) के तौर पर किया था।

📋 पार्क के बाहर लावारिस हालत में मिले थे कार्ड: यूपी, राजस्थान और महाराष्ट्र के पतों ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता

यह विवाद नया नहीं है, इससे पहले भी सॉल्ट लेक इलाके से ऐसी ही संदिग्ध तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। पश्चिम बंगाल में साल 2025 में वोटर लिस्ट के चल रहे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) अभियान के बीच कोलकाता के सॉल्ट लेक में ही एक सार्वजनिक पार्क के बाहर कई आधार कार्ड बेहद लावारिस और संदिग्ध हालत में फेंके हुए मिले थे। यहाँ सुबह के वक्त जॉगिंग करने निकले स्थानीय नागरिकों ने BA-CA खेल के मैदान के किनारे बिखरे पड़े इन कार्ड्स को सबसे पहले देखा था। जब इन कार्ड्स को उठाकर देखा गया, तो सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए, क्योंकि इन पर पश्चिम बंगाल के बजाय उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे सुदूर राज्यों के स्थायी पते छपे हुए थे।

🕵️ बिधाननगर नॉर्थ पुलिस की तफ्तीश जारी: दूसरे राज्यों के कार्ड्स बंगाल में मिलना बनी सबसे बड़ी पहेली

मैदान के किनारे संदिग्ध पहचान पत्र मिलने के तुरंत बाद जागरूक स्थानीय निवासियों ने इसकी लिखित सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन को दी थी। सूचना पाते ही बिधाननगर नॉर्थ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन सभी लावारिस कार्ड्स को सुरक्षित बरामद कर लिया था। मामले की जांच करने गए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने उस वक्त मीडिया से बात करते हुए अनौपचारिक तौर पर बताया था कि यह बेहद अजीब और गंभीर बात है कि संवेदनशील सरकारी पहचान पत्र इस तरह खुले मैदान में फेंके हुए मिले। ये सारे कार्ड्स अलग-अलग राज्यों के नागरिकों के हैं और ये इतनी बड़ी संख्या में यहाँ कोलकाता के पॉश इलाके में कैसे और किस उद्देश्य से पहुंचे, यह अभी भी पुलिस के लिए एक बड़ी पहेली बनी हुई है, जिसकी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

🗳️ बंगाल में ऐतिहासिक परिवर्तन, शुभेंदु अधिकारी बने मुख्यमंत्री: बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर खत्म किया टीएमसी का 15 साल का शासन

इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पश्चिम बंगाल के हालिया राजनीतिक बदलावों से जुड़ी हुई है। पश्चिम बंगाल विधानसभा 2026 के ऐतिहासिक चुनावों में अभूतपूर्व उलटफेर करते हुए बीजेपी ने राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से रिकॉर्ड 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इस बंपर जीत के साथ ही सूबे में ममता बनर्जी की पार्टी, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) का पिछले 15 सालों से चला आ रहा अखंड शासन पूरी तरह समाप्त हो गया और बीजेपी पहली बार राज्य की सत्ता की गद्दी पर बैठी है। सालों तक बंगाल की जमीनी राजनीति में शुभेंदु अधिकारी ने एक ऐसे जुझारू और रणनीतिक संगठनकर्ता की मजबूत छवि बनाई, जिनमें सत्ता के समीकरणों की गहरी समझ और बंगाल की बदलती राजनीतिक हवाओं को अपने पक्ष में मोड़ने की अद्भुत काबिलियत थी। फिलहाल, पार्टी आलाकमान और विधायक दल ने उन्हें सर्वसम्मति से अपना नेता चुना और पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री (CM) की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके बाद से ही सरकारी विभागों और सुरक्षा तंत्र में कड़े नीतिगत बदलाव देखे जा रहे हैं।