ब्रेकिंग
Raxaul News: भारत-नेपाल सीमा पर संदिग्ध चीनी नागरिक गिरफ्तार, ई-रिक्शा से जा रहा था नेपाल, SSB ने दब... Telangana POCSO Case: पॉक्सो मामले में बंदी भगीरथ को झटका, हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद किया स... Bengal Politics: सॉल्ट लेक में टीएमसी दफ्तर से बरामद हुए कई आधार कार्ड, बीजेपी के ताला खोलने के बाद ... Ulhasnagar Crime News: उल्हासनगर में इंसानियत शर्मसार! मंदिर प्रवेश विवाद में महिलाओं के बाल काटे, च... Samba Narco Demolition: सांबा में ड्रग तस्करों के 'नार्को महलों' पर चला बुलडोजर, 60 करोड़ की 50 कनाल... Delhi Startup Scheme: दिल्ली में महिलाओं को स्टार्टअप के लिए मिलेगा ₹10 करोड़ का बिना गारंटी लोन, सी... Bharatmala Expressway Accident: बालोतरा में भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर पलटी स्कॉर्पियो, गुजरात के 3 श्... केरल शपथ ग्रहण: सीएम वी डी सतीशन के साथ 20 मंत्री भी लेंगे शपथ; राहुल, प्रियंका और खरगे रहेंगे मौजूद CBSE 12th Result: सीबीएसई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद पर शिक्षा सचिव संजय कुमार का बड़ा बयान, फी... Jamui Viral News: जमुई में बुढ़ापे के अकेलेपन से तंग आकर 65 के बुजुर्ग और 62 की महिला ने मंदिर में र...

Ulhasnagar Crime News: उल्हासनगर में इंसानियत शर्मसार! मंदिर प्रवेश विवाद में महिलाओं के बाल काटे, चप्पलों की माला पहनाई

उल्हासनगर: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंतर्गत आने वाले उल्हासनगर शहर से इंसानियत को पूरी तरह झकझोर देने वाली एक बेहद खौफनाक और शर्मनाक घटना सामने आई है। यहाँ एक स्थानीय मंदिर में प्रवेश को लेकर उपजे मामूली विवाद के बाद दबंगों द्वारा एक पीड़ित परिवार की महिलाओं के साथ न सिर्फ बेरहमी से लाठी-डंडों से मारपीट की गई, बल्कि क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उनके बाल काट दिए गए। इतना ही नहीं, सरेराह उनके कपड़े फाड़कर उन्हें चप्पलों की माला पहनाई गई और करीब 2 किलोमीटर तक सड़क पर पैदल घुमाकर सरेआम अपमानित किया गया। इस पूरी खौफनाक और अमानवीय घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है।

🏛️ स्थानीय जात पंचायत ने कर रखा था सामाजिक बहिष्कार: मंदिर में एंट्री पर लगाई थी रोक, पीड़ित परिवार ने किया था विरोध

सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा मामला उल्हासनगर कैंप-3 के वाघरी नगर इलाके का है। बताया जा रहा है कि यहाँ की स्थानीय रूढ़िवादी जात पंचायत ने एक गरीब परिवार का किन्हीं कारणों से अवैध रूप से सामाजिक बहिष्कार (Social Boycott) कर रखा था। इसी बहिष्कार के तहत पंचायत के रसूखदारों ने पीड़ित परिवार के मंदिर में प्रवेश करने और पूजा-अर्चना करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। दूसरी तरफ, पीड़ित परिवार ने जात पंचायत के इस तानाशाही और गैर-कानूनी प्रतिबंध का कड़ा विरोध किया था और वे अपनी आस्था के अधिकार के लिए मंदिर जाने की जिद पर अड़े हुए थे।

🪵 सामुदायिक भोज के दौरान भड़का कुछ लोगों का गुस्सा: पीड़ित परिवार के घर पर लाठी-डंडों से बोला धावा

घटना वाले दिन वाघरी नगर स्थित मंदिर परिसर में एक बड़े धार्मिक कार्यक्रम और सामुदायिक भोज का भव्य आयोजन किया गया था। इसी दौरान सामाजिक बहिष्कार की परवाह न करते हुए पीड़ित परिवार का एक युवक सीधे मंदिर पहुंच गया। युवक का वहां मौजूद लोगों के सामने साफ कहना था कि उसके परिवार ने कोई गलत काम या सामाजिक अपराध नहीं किया है, ऐसे में उन्हें भगवान के मंदिर में जाने से कोई भी कानूनन नहीं रोक सकता। इस रोक के बावजूद जब युवक जबरन मंदिर परिसर के भीतर चला गया, तो जात पंचायत के कुछ लोग बुरी तरह भड़क गए। गुस्साए आरोपियों ने फौरन लामबंद होकर पीड़ित परिवार के घर पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला बोल दिया।

👩‍🦱 पुलिस स्टेशन जा रही महिलाओं को रास्ते में घेरा: सड़क पर घसीटकर किया अपमानित, मूकदर्शक बने लोग बनाते रहे वीडियो

हथियारबंद हमलावरों ने पहले तो घर में मौजूद पुरुषों को बेरहमी से पीट-पीटकर लहुलूहान कर दिया और फिर महिलाओं को अपना निशाना बनाया। इस खूनी हमले के अगले दिन जब डरी-सहमी पीड़ित परिवार की महिलाएं न्याय की गुहार लगाने और लिखित शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन जा रही थीं, तभी घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें बीच रास्ते में ही चारों तरफ से घेर लिया। आरोप है कि सरेराह महिलाओं को सड़क पर घसीटा गया, उनके कपड़े फाड़ दिए गए, कैंची से उनके बाल काट दिए गए और चप्पलों की माला पहनाकर घोर अपमानित किया गया। इस दरिंदगी के दौरान सड़क पर तमाशबीनों की भारी भीड़ मौजूद थी और कई लोग अपने मोबाइल से वीडियो बनाते रहे, लेकिन विडंबना यह रही कि कोई भी एक इंसान उन बेबस महिलाओं की मदद के लिए आगे नहीं आया।

🚔 पुलिस ने 2 महिला आरोपियों को किया अरेस्ट: इलाके में भारी तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात, 7 पर FIR

इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इस शर्मनाक घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का भारी दबाव बढ़ गया। उल्हासनगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर और दंडात्मक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने छापेमारी कर इस घिनौने कृत्य में शामिल दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य नामजद आरोपी पुलिस की भनक लगते ही फरार हो गए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल (Police Force) तैनात किया गया है। मामले का ब्योरा देते हुए उल्हासनगर के एसीपी (ACP) शैलेश काले ने बताया कि पुलिस स्टेशन में कुल सात नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह विवाद मूल रूप से एक ही समुदाय के दो परिवारों के बीच मंदिर प्रवेश के पुराने विवाद से उपजा है। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए कानून व्यवस्था के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।