दमोह। दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक की तेजगढ़ ग्राम पंचायत के सचिव जुगराज सिंह लोधी को सोमवार दोपहर सागर लोकायुक्त ने 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते पंचायत भवन में पकड़ा। रिश्वत की रकम लेने के बाद सचिव ने पैसे चपरासी गुड्डा रैकवार को दे दिए। लोकायुक्त टीम ने जब दोनों के हाथ धुलवाए तो उनके हाथ लाल रंग से रंग गए। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने दोनों को आरोपित बनाकर जांच शुरू कर दी है।
💰 क्या है पूरा मामला?
तेजगढ़ निवासी महेंद्र कोष्ठी ने बताया कि उसकी पत्नी के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। दूसरी किस्त जारी करने के बदले पंचायत सचिव जुगराज सिंह लोधी ने उससे 15 हजार रुपये की मांग की थी। पैसे नहीं देने पर किस्त जारी नहीं की गई। पीड़ित के अनुसार सचिव ने सरपंच से मिलने की बात कही थी। सरपंच प्रतिनिधि विजय जैन से बात करने पर उन्होंने भी 10 हजार रुपये की मांग की। बाद में पंचायत सचिव के माध्यम से सौदा तय हुआ। महेंद्र ने पहले 4 हजार रुपये दे दिए थे, लेकिन बाद में वह पंचायत सचिव को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। इसके लिए उसने 16 अप्रैल को सागर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई।
⚖️ लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई
शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। पंचायत भवन में महेंद्र कोष्ठी ने सचिव जुगराज सिंह को 6 हजार रुपये दिए। सचिव ने वह रकम चपरासी गुड्डा रैकवार को दे दी। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने दोनों को पकड़ लिया। पीड़ित ने बताया कि पीएम आवास की दूसरी किस्त जारी नहीं होने से वह काफी परेशान था। लोकायुक्त पुलिस ने पंचायत सचिव और चौकीदार के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
👮 लोकायुक्त टीम का आधिकारिक बयान
लोकायुक्त टीम में शामिल निरीक्षक मंजू किरण तिर्की ने बताया कि तेजगढ़ में सचिव जुगराज सिंह और चौकीदार गुड्डा रैकवार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। महेंद्र कोष्ठी द्वारा 16 अप्रैल को सागर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत की गई थी। शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने के बाद सोमवार को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते दोनों को रंगे हाथों पकड़ा गया।