मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: शुक्रवार को नगर पंचायत जनकपुर क्षेत्र में वन विभाग ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की. वनमंडल मनेंद्रगढ़ के उपवनमंडल जनकपुर के वन परिक्षेत्र कुंवारपुर में अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें हटाया गया.
वन विभाग का दावा, नोटिस दिया गया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनेंद्रगढ़ तिराहा स्थित वन भूमि पर कुछ लोगों ने लंबे समय से अवैध निर्माण किया था. विभाग ने पहले ही भारतीय वन अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे. साथ ही संबंधित लोगों को समझाइश भी दी गई थी. इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाए जाने पर शुक्रवार को सख्त कार्रवाई करते हुए एक निर्माणाधीन मकान को जमींदोज किया गया, जबकि दो अन्य अतिक्रमणों को भी हटाया गया.
अतिक्रमण से हादसे का बना रहता है खतरा
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह क्षेत्र अंधा मोड़ के पास स्थित है, जहां पहले कई गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं. ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से भी यह कार्रवाई जरूरी थी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी अभियान लगातार जारी रहेगा.
अब प्रभावितों का दर्द
कार्रवाई के दौरान प्रभावित लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके मुताबिक ना तो कई नोटिस दिया गया ना ही किसी ने जानकारी दी. इतना ही नहीं प्रभावितों के मुताबिक सामान भी जब्त कर लिया गया है.
मैं 15 साल से यहां चाय और समोसा बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा हूं. मुझे न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही पहले से जानकारी दी गई. अचानक पहुंची टीम ने ठेला और मकान गिरा दिया.– बद्री प्रसाद गुप्ता, दुकानदार
वन विभाग और पुलिस की टीम अचानक पहुंची, मुझे जबरन बाहर निकाला, सामान को फेंक दिया और कुछ सामान ट्रैक्टर में भरवा लिया. मेरा मोबाइल और दुकान की चाबी तक छीन ली गई और किसी प्रकार की रसीद या सुपुर्दगी नहीं दी गई.- सोनू गुप्ता, दुकानदार
अधिकारियों ने कहा, दोबारा हुआ है कब्जा
विकास निकुंज उपवन संरक्षक प्रभारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी कुंवारपुर ने बताया कि यह कार्रवाई वन मंडल अधिकारी के निर्देश और उपवन मंडल अधिकारी के मार्गदर्शन में की गई. उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों को पहले ही 80A के तहत नोटिस और बेदखली आदेश दिए जा चुके थे. पूर्व में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन दोबारा कब्जा कर लिया गया था.
अगर कक्ष क्रमांक 1267 से अतिक्रमण पूरी तरह हट जाता है, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र न केवल सुरक्षित होगा बल्कि इसकी प्राकृतिक सुंदरता भी निखरेगी और विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी– विकास निकुंज, उपवन संरक्षक प्रभारी
आज की कार्रवाई में दो मकानों को ध्वस्त किया गया. अधिकारियों ने कहा वन भूमि पर कब्जा नहीं, संरक्षण ही विकल्प है.