सरगुजा ओलंपिक के मुरीद हुए ‘फुटबॉल के जादूगर’ बाइचुंग भूटिया! बोले—”गांवों से निकलेगी ओलंपिक की राह”, छत्तीसगढ़ सरकार की जमकर तारीफ
सरगुजा : सरगुजा ओलंपिक के समापन के दौरान भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित बाइचुंग भूटिया शामिल हुए. इस दौरान मंच से उन्होने जोहार सरगुजा से खिलाड़ियों का अभिवादन किया. उन्हें कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प का मंत्र देते हुए युवाओं को खेल जगत में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित भी किया.
सरकार के प्रयास की सराहना की
इस दौरान भूटिया ने कहा कि वे पहले भी बस्तर ओलंपिक में शामिल हो चुके हैं और अब सरगुजा ओलंपिक का हिस्सा बनकर बेहद खुश हैं. उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने की सराहना करते हुए कहा कि खासकर ट्राइबल बेल्ट के खिलाड़ियों को मंच देना बेहद जरूरी है.भूटिया ने युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि सरकारी सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर महत्वपूर्ण हैं, लेकिन व्यक्तिगत मेहनत, अनुशासन और फोकस सबसे ज्यादा जरूरी है. उन्होंने खिलाड़ियों से अपील की कि वे ईमानदारी से प्रयास करें और अंतिम समय तक हार न मानें.
खिलाड़ियों को मिला सम्मान
समारोह में अलग-अलग आयु वर्गों और खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया. एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, कुश्ती और कराते जैसी प्रतियोगिताओं में बालक-बालिका और महिला-पुरुष वर्ग के विजेताओं ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. जशपुर, सूरजपुर, सरगुजा, बलरामपुर और कोरिया सहित कई जिलों के खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए.
सरगुजा ओलम्पिक में ये रहे विजेता
बालिका वर्ग (17 वर्ष से कम आयु वर्ग)– एथेलेटिक्स (100 मीटर) में जशपुर की रिया तिर्की, एथेलेटिक्स (200 मीटर) में कोरिया की सिमरन सिंह, एथेलेटिक्स (400 मीटर) में सूरजपुर की रिया, एथेलेटिक्स (लंबी कूद) में सरगुजा की महिला सिंह, एथेलेटिक्स (ऊंची कूद) में सूरजपुर की प्रियंका, एथेलेटिक्स (शॉटपुट) में सरगुजा की संध्या लकड़ा, एथेलेटिक्स (डिस्कस थ्रो) में बलरामपुर की कशिश, एथेलेटिक्स (जैवलिन थ्रो) में सूरजपुर की मोनिका राजवाड़े, एथेलेटिक्स (4 x 100 मी रिले) में कोरिया के आस्था रीमा संगीता एवं प्रमिला, तीरंदाजी 30 मी एकल में सरगुजा की स्नेहा, तीरंदाजी 50 मी एकल में सरगुजा की स्नेहा, बैडमिंटन सिंगल में कोरिया की श्रद्धा, बैडमिंटन डबल में कोरिया की श्रद्धा घोष एवं देवाशी पटेल, कुश्ती 55 किग्रा में सरगुजा की सूर्यमणि, कुश्ती 62 किग्रा में सूरजपुर की सरस्वती, कुश्ती 68 किग्रा में सरगुजा की ज्योति पण्डो, कराते (42-47 किग्रा) में सरगुजा की दिव्या राजवाड़े एवं कराते (53-59 किग्रा) में सरगुजा की संगीता सिंह विजेता रहीं.
महिला वर्ग (17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग)- एथेलेटिक्स (100 मीटर) में सूरजपुर की अंजू सिंह, एथेलेटिक्स (200 मीटर) में कोरिया की स्नेहा, एथेलेटिक्स (400 मीटर) में सूरजपुर की प्रज्ञा राजवाड़े, एथेलेटिक्स (लंबी कूद) में सरगुजा की धनजिला, एथेलेटिक्स (ऊंची कूद) में सूरजपुर की शांति, एथेलेटिक्स (शॉटपुट) में सरगुजा की उमा सिंह, एथेलेटिक्स (डिस्कस थ्रो) में बलरामपुर की कशिश, एथेलेटिक्स (जैवलिन थ्रो) में एमसीबी की अनिता, एथेलेटिक्स (4 x 100 मी रिले) में सूरजपुर के अंजू प्रज्ञा शीतल कुमकुम, तीरंदाजी 30 मी एकल में सरगुजा की विनीता, तीरंदाजी 50 मी एकल में सरगुजा की विनीता, बैडमिंटन सिंगल में सरगुजा की आयुषी दिवान, बैडमिंटन डबल में सरगुजा की आयुषी दिवान एवं मीरा सिंघ, कुश्ती 55 किग्रा में जशपुर की रामेश्वरी नाग, कुश्ती 62 किग्रा में एमसीबी की सीमा सिंह, कुश्ती 68 किग्रा में जशपुर की निकिता तिर्की, कराते (55-61 किग्रा) में एमसीबी के राधना मार्को विजेता रहीं.
बालक वर्ग (17 वर्ष से कम आयु वर्ग)– एथेलेटिक्स (100 मीटर) में जशपुर के गोविंद गुप्ता, एथेलेटिक्स (200 मीटर) में जशपुर के संयम खलखो, एथेलेटिक्स (400 मीटर) में कोरिया के यदुवंश राजवाड़े, एथेलेटिक्स (लंबी कूद) में बलरामपुर के अभिषेक कच्छप, एथेलेटिक्स (ऊंची कूद) में जशपुर के कुषणवीर, एथेलेटिक्स (शॉटपुट) में कोरिया के भविष्य सिंह, एथेलेटिक्स (डिस्कस थ्रो) में सरगुजा के अमोस एक्का, एथेलेटिक्स (जैवलिन थ्रो) में सरगुजा के उत्कर्ष एक्का, एथेलेटिक्स (4 x 100 मी रिले) में कोरिया के धर्मेंद्र इंद्रपाल राजकुमार ओमप्रकाश, तीरंदाजी 30 मी एकल में बलरामपुर के पवन सिंह, तीरंदाजी 50 मी एकल में बलरामपुर के संतोष कुमार, बैडमिंटन सिंगल में सरगुज़ा के करण मेहरा, बैडमिंटन डबल में सूरजपुर के रौनक़ एवं जसकीरत, कुश्ती 57 किग्रा में बलरामपुर नरेंद्र कुमार, कुश्ती 65 किग्रा में बलरामपुर के आतिश यादव, कुश्ती 74 किग्रा में सरगुजा के अवनीश पांडेय, कराते (45-5प किग्रा) में बलरामपुर के रोशन कुमार एवं कराते (55-61 किग्रा) में सरगुजा की चंद्रशेखर विजेता रहीं.
पुरूष वर्ग (17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग)– एथेलेटिक्स (100 मीटर) में एम.सी.बी. के टी.नाग उमेश्श्वर राव, एथेलेटिक्स (200 मीटर) में सरगुजा के अरूण कुमार, एथेलेटिक्स (400 मीटर) में जशपुर के विश्वनाथ तिग्गा, एथेलेटिक्स (लंबी कूद) में सूरजपुर के अश्विन कुमार, एथेलेटिक्स (ऊंची कूद) में एम.सी.बी. के आनंद कुमार, एथेलेटिक्स (शॉटपुट) में सूरजपुर के अंकित कुमार, एथेलेटिक्स (डिस्कस थ्रो) में जशपुर के आकाश, एथेलेटिक्स (जैवलिन थ्रो) में जशपुर के राहूल तिग्गा, एथेलेटिक्स (4 x 100 मी रिले) में सूरजपुर के अश्विन कुमार, हिमांशु सिंह, अंकित कुमार, तेजपाल सिंह, तीरंदाजी 30 मी एकल में सरगुजा के बृजदेव सिंह, तीरंदाजी 50 मी एकल में सरगुजा के बृजदेव सिंह, बैडमिंटन सिंगल में सरगुज़ा के सार्थककांत थामस, बैडमिंटन डबल में सरगुज़ा के सार्थककांत थामस, एलिमन थामस, कुश्ती 57 किग्रा पुरूष में सूरजपुर के देवानंद जगत, कुश्ती 65 किग्रा पुरूष में सूरजपुर के प्रदीप, कुश्ती 74 किग्रा. पुरूष में सरगुज़ा के दीपक कुमार, कराते पुरूष 60-से 67 किग्रा पुरूष में आकाश सोनवानी विजेता रहे.
क्षेत्रीय प्रतिभाओं को मिला मौका
सरगुजा ओलंपिक का सफल आयोजन न केवल क्षेत्रीय प्रतिभाओं को मंच देने में अहम साबित हुआ, बल्कि यह भी संकेत देता है कि खेलों के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों और सरकारी सहयोग से आने वाले समय में राज्य के खिलाड़ी देश के खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बनाएंगे.