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अब घर-घर पहुंचेगी पाइप वाली गैस! केंद्र का बड़ा फैसला—मिलेगी ‘डीम्ड क्लीयरेंस’; कम होंगे दाम और कारोबार करना होगा आसान, देखें पूरी योजना

केंद्र सरकार ने देश में प्राकृतिक गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आदेश जारी किया है. इस फैसले के तहत परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर मंजूरी देने और देरी की स्थिति में डीम्ड क्लीयरेंस का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रक्रियाओं में होने वाली अनावश्यक देरी को कम किया जा सके.

सरकार ने साफ किया है कि वह भारत को गैस आधारित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. ये नया आदेश उसी दिशा में एक बड़ा कदम है. इससे निवेश, इनोवेशन और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा. नई व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए शुल्क और प्रक्रियाओं को मानकीकृत किया गया है, ताकि कंपनियों के लिए अनुमान लगाना और योजना बनाना आसान हो सके. इससे निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होने की उम्मीद है. सरकार ने अधिकृत संस्थाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन बिछाने और उनके विस्तार के लिए बिना किसी रुकावट के पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया है. सरकार का दावा है कि यह कदम देशभर में गैस नेटवर्क के विस्तार को गति देगा.

गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026 लागू

दरअसल, केंद्र सरकार ने एनर्जी सेक्टर में बड़ा कदम उठाते हुए नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026 लागू कर दिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के तहत जारी ये आदेश देशभर में गैस पाइपलाइन बिछाने, विस्तार और संचालन की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए लाया गया है. ये आदेश गजट ऑफ इंडिया में प्रकाशित होते ही तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है. इसके साथ ही, पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) तक आम उपभोक्ताओं की पहुंच बढ़ाने के लिए उपभोक्ता-केंद्रित सुधार भी किए गए हैं.

क्या है नए नियम?

नए नियमों के तहत पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स के लिए सभी जरूरी अनुमतियों के लिए एक तय समयसीमा रखी गई है. इसका मतलब यह है कि अब कंपनियों को महीनों तक मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अगर तय समय के भीतर अनुमति नहीं दी जाती है, तो उसे स्वतः स्वीकृति यानी डिम्ड अप्रूवल माना जाएगा, जिससे प्रोजेक्ट्स के अटकने की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा.

सरकार का लक्ष्य आखिरी छोर तक गैस पहुंचाना

सरकार का लक्ष्य देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का तेजी से विस्तार करना है और आखिरी छोर तक गैस पहुंचाना और रसोई, ट्रांसपोर्ट और उद्योगों में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी और गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. वहीं, इस फैसले का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों पर पड़ेगा. अब पीएनजी कनेक्शन समय पर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है और जहां संभव होगा, वहां एलपीजी से पीएनजी की ओर बदलाव को बढ़ावा दिया जाएगा.