ब्रेकिंग
मानवता शर्मसार! मंदबुद्धि युवक को जंजीरों से बांधकर करवाई मजदूरी; सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुई तो म... Lucky Oberoi Murder Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 संदिग्ध हिरासत में; 38 दिनों से फरार आरोपियों क... Punjab Politics: बंटी रोमाना की मुख्यमंत्री मान को खुली चेतावनी, विवादित बयान से गरमाई सियासत; अकालि... Punjab Rape Case Verdict: कपड़ा व्यापारी को 7 साल की सजा, 13 साल बाद पीड़िता की हुई जीत; जानें क्या ... Gippy Grewal Threat Case: पंजाब में कानून-व्यवस्था पर बरसे सुखबीर बादल, गिप्पी ग्रेवाल को मिली धमकी ... DBU Controversy: देश भगत यूनिवर्सिटी में हंगामा, धरने पर बैठे छात्र और खिलाड़ी; यूनिवर्सिटी प्रबंधन ... LPG Booking New Numbers: पंजाब के गैस उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी! इंडेन, HP और भारत गैस ने जारी किए न... सोलर पैनल लगवाने वालों के लिए बड़ी खबर! पंजाब में लागू हुआ नया टैरिफ; 1 अप्रैल से बदल जाएंगे बिजली बि... पंजाब की जेल में 'सुरक्षा' फेल! कैदियों के पास मिले 5 मोबाइल और नशीला सामान; जेल प्रशासन में मचा हड़... Punjab Power Crisis: सुनील जाखड़ ने PSPCL के आंकड़ों को बताया 'झूठ का पुलिंदा', भगवंत मान सरकार को द...

Abujhmad Security Camp: अबूझमाड़ के भीतरी इलाकों में नया कैंप शुरू, सुरक्षा बलों की बड़ी रणनीतिक जीत; विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

नारायणपुर: नक्सलमुक्त अबूझमाड़ की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए दिवालूर क्षेत्र में नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया है. यह गांव नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 96 किलोमीटर और ओरछा से 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों से घिरे इस क्षेत्र को लंबे समय से माओवादियों का सेफ जोन माना जाता रहा है.

बसवा राजू सहित कई माओवादियों का हुआ था एनकाउंटर

नारायणपुर जिले के थाना ओरछा क्षेत्र में दिवालूर गांव है. यहां 16 मार्च 2026 को नया कैंप स्थापित किया गया है. यही वह इलाका है, जहां सुरक्षा बलों ने कुख्यात माओवादी नेता बसवा राजू सहित कई बड़े माओवादियों को मार गिराया था. यह माओवादियों की सेंट्रल कमेटी का सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब यहां कैंप खुलने से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि दशकों से उपेक्षित इस क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं भी खुलेंगी.

माड़ बचाओ अभियान

नारायणपुर पुलिस ने ”माड़ बचाओ अभियान” के तहत यह कैंप स्थापित किया है. इस कैंप का उद्देश्य नक्सल प्रभाव को समाप्त कर क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ना है. नारायणपुर जिले में माड़ बचाओ अभियान के तहत लगातार नए कैंप स्थापित किए जा रहे हैं. इसके जरिए अंदरूनी गांवों तक सड़क, पुल-पुलिया, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.

कैंप खुलने से फायदा

पुलिस अधिकारी ने बताया कि नए कैंप के शुरू होने से दिवालूर के साथ ही आसपास के गांवों रेकापारा, कुमनार, गुण्डेकोट, लेकवाड़ा, नेडअट्टे में विकास की गति तेज होगी. अब इन क्षेत्रों में सड़क निर्माण, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा. कुमनार से सोनपुर होते हुए भैरमगढ़ (जिला बीजापुर) तक सड़क संपर्क स्थापित होने से लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी. यह कनेक्टिविटी न केवल स्थानीय निवासियों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि प्रशासनिक पहुंच भी आसान बनाएगी.

संवेदनशील क्षेत्रों में नए कैंप से सुरक्षा नेटवर्क मजबूत

नारायणपुर पुलिस ने साल 2025 में कुतुल सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में नए कैंप स्थापित किए थे. साल 2026 में जटवर, वाड़ापेंदा, कुरसकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार, बोटेर और अब दिवालूर में कैंप स्थापित कर सुरक्षा नेटवर्क को और मजबूत किया गया है.

साल 2026 में अबूझमाड़ में खुले कैंप

  • जटवर
  • वाड़ापेंदा
  • कुरसकोड़ो
  • हच्चेकोटी
  • आदनार
  • बोटेर
  • दिवालूर

साल 2025 में अबूझमाड़ में खुले कैंप

कुतुल

कोडलियार

बेड़माकोटी

पदमकोट

कंडुलपार

नेलांगुर

पांगुड़

रायनार

एडजूम

ईदवाया

आदेर

कुडमेल

कोंगे

सितरम

तोके

जाटलूर

धोबे

डोडीमरका

पदमेटा

लंका

परियादी

काकुर

बालेबेड़ा

कोडेनार

कोडनार

आदिनपार

मन्दोड़ा

अबूझमाड़ के विकास पर फोकस

दिवालूर में नया सुरक्षा कैंप स्थापित होना न केवल नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह अबूझमाड़ के दूरस्थ और पिछड़े इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम है.