ब्रेकिंग
मानवता शर्मसार! मंदबुद्धि युवक को जंजीरों से बांधकर करवाई मजदूरी; सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुई तो म... Lucky Oberoi Murder Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 संदिग्ध हिरासत में; 38 दिनों से फरार आरोपियों क... Punjab Politics: बंटी रोमाना की मुख्यमंत्री मान को खुली चेतावनी, विवादित बयान से गरमाई सियासत; अकालि... Punjab Rape Case Verdict: कपड़ा व्यापारी को 7 साल की सजा, 13 साल बाद पीड़िता की हुई जीत; जानें क्या ... Gippy Grewal Threat Case: पंजाब में कानून-व्यवस्था पर बरसे सुखबीर बादल, गिप्पी ग्रेवाल को मिली धमकी ... DBU Controversy: देश भगत यूनिवर्सिटी में हंगामा, धरने पर बैठे छात्र और खिलाड़ी; यूनिवर्सिटी प्रबंधन ... LPG Booking New Numbers: पंजाब के गैस उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी! इंडेन, HP और भारत गैस ने जारी किए न... सोलर पैनल लगवाने वालों के लिए बड़ी खबर! पंजाब में लागू हुआ नया टैरिफ; 1 अप्रैल से बदल जाएंगे बिजली बि... पंजाब की जेल में 'सुरक्षा' फेल! कैदियों के पास मिले 5 मोबाइल और नशीला सामान; जेल प्रशासन में मचा हड़... Punjab Power Crisis: सुनील जाखड़ ने PSPCL के आंकड़ों को बताया 'झूठ का पुलिंदा', भगवंत मान सरकार को द...

Ratlam Measles Death: रतलाम में खसरे से मासूम की मौत, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही आई सामने; 5 दिन बाद दी जानकारी, अलर्ट जारी

रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम में 9 साल की बच्ची की खसरा (मीजल्स) से मौत का मामला सामने आया है. बच्ची करीब 3 हफ्तों से बीमार थी. हालत बिगड़ने पर परिजन उसे रावटी स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर पहुंचे थे. जहां से उसे रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही 9 वर्षीय कविता की मौत हो गई. गौर करने वाली बात यह है कि खसरे से बच्ची की मौत की जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने नहीं दी. उसकी मौत 12 मार्च को ही हो चुकी थी, जिसके बाद यह जानकारी सोमवार शाम यानि 16 मार्च को सामने आई है.

इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. करीब 12 से ज्यादा बच्चे मीजल्स के लक्षणों से प्रभावित थे, जिनका इलाज घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया था.

3 हफ्ते से बीमार थी बच्ची

रतलाम के आदिवासी अंचल के ग्राम देथला की यह घटना है. जहां 12 मार्च को 9 वर्षीय कविता पिता प्रकाश मईड़ा की खसरा (मीजल्स) से मौत हुई है. मृतक बालिका पिछले 3 सप्ताह से बीमार थी और हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन रतलाम लाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. बच्ची के पिता प्रकाश मईड़ा ने बताया कि “कविता की तबीयत 20 दिन पहले खराब हुई थी. तब वह मजदूरी के लिए राजस्थान गए हुए थे.

12 मार्च को अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में मौत

सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और नर्स घर पर आए थे और उन्होंने दवाइयां दी थी. इसके बाद उसकी तबीयत फिर से खराब हो गई. 12 तारीख को ज्यादा तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले गए थे, जहां से उसे रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए कहा था. अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई.” रावटी स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपक मेहता ने बताया कि “9 मार्च को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वे के दौरान बच्ची का चेकअप किया था और दवाइयां भी दी थी.

बच्ची में मीजल्स पॉजिटिव की जानकारी

साथ ही स्वास्थ्य केंद्र पर लाने की सलाह दी गई थी. वहीं, बालिका के मीजल्स पॉजिटिव होने की जानकारी भी सीएमएचओ कार्यालय रतलाम द्वारा दी गई है. मीजल्स के लक्षणों से प्रभावित अन्य बच्चों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है. पूरे क्षेत्र में मीजल्स के टीकाकरण से वंचित रह गए बच्चों को लगाने का कार्य भी किया जा रहा है.” प्रभारी सीएमएचओ डॉक्टर एपी सिंह ने बताया कि “बच्ची की मौत हो जाने के बाद उसके मीजल्स पॉजिटिव होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी. मामले की विस्तृत जांच के लिए डेथ ऑडिट कराया जाएगा. जिसमें पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी.”

मीजल्स को लेकर ग्रामीणों में अंधविश्वास भी

बहरहाल बड़ा सवाल यह है कि यदि इस क्षेत्र के 12 गांव में टीकाकरण हुआ है, तो फिर बच्चों में मीजल्स की बीमारी क्यों फैल रही है? वहीं, करीब 10 दिन पहले ही बच्ची को मीजल्स के लक्षण दिखाई दिए थे, तो स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीमार बालिका के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग क्यों नहीं की. हालांकि इस क्षेत्र में मीजल्स की बीमारी को लेकर अंधविश्वास भी है, जिसमें लोग शरीर पर निकल आए लाल दानों को माताजी आना बताते हैं और चिकित्सा करवाने से भी परहेज करते हैं.