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Jalaun Inspector Arun Death Case: इंस्पेक्टर अरुण कुमार की मौत की चार्जशीट दाखिल, पेज 231 के खुलासे से मचा हड़कंप; क्या बदला गया सुसाइड नोट?

उत्तर प्रदेश में जालौन जिले के बहुचर्चित इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड में दायर चार्जशीट ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. पुलिस की ओर से हत्या के आरोपों के साथ दाखिल की गई चार्जशीट में एक सुसाइड नोट का भी उल्लेख सामने आया है, जो घटना से आठ दिन पहले 27 नवंबर 2025 का बताया जा रहा है. चार्जशीट के पेज नंबर 231 पर दर्ज इस सुसाइड नोट में इंस्पेक्टर अरुण राय ने चंचल चौबे नामक व्यक्ति पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की बात लिखी है. इस खुलासे के बाद मामले को लेकर नई बहस छिड़ गई है.

गौरतलब है कि शुक्रवार को पुलिस ने समयसीमा के आखिरी दिन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अभिषेक खरे की अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी. सोमवार को इस मामले में आरोपी सिपाही मीनाक्षी शर्मा को उरई जिला कारागार से पुलिस वैन के जरिए अदालत में पेश किया गया. वह काली टी-शर्ट, गुलाबी लोअर और हवाई चप्पल पहने हुई थी. कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान उसके चेहरे पर घबराहट साफ देखी गई. अदालत में पेश किए जाने के बाद उसने अपने चेहरे को नकाब से ढक लिया.

महिला कांस्टेबल की हुई पेशी

दोपहर 3 बजकर 2 मिनट पर मीनाक्षी को अदालत में पेश किया गया. इसके तीन मिनट बाद उसके अधिवक्ता शिवेश सिंह सेंगर ने बीएनएसएस की धारा 230 के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल कर कहा कि उन्हें अभी तक चार्जशीट से जुड़े दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, इसलिए मामले को सत्र न्यायालय में कमिट न किया जाए. इस पर अदालत ने अभियोजन पक्ष से जवाब मांगा. अभियोजन ने अदालत को बताया कि सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए जा चुके हैं.

इस दौरान मामले में चार बार सुनवाई हुई. करीब 3 बजकर 29 मिनट पर सीजेएम ने मीनाक्षी को अपने सामने बुलाया, जहां वह लगभग छह मिनट तक न्यायालय के समक्ष खड़ी रही. बाद में वह अदालत में पड़ी बेंच पर बैठ गई और पुलिसकर्मियों से बातचीत करती नजर आईं. चारों सुनवाई के बाद अदालत ने शाम 4 बजकर 5 मिनट पर बचाव पक्ष का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया और चार्जशीट को सत्र न्यायालय के लिए कमिट कर दिया. अगली सुनवाई की तारीख 25 मार्च 2026 तय की गई है.

287 पन्नों की केस डायरी

पुलिस द्वारा दाखिल 287 पन्नों की केस डायरी और चार्जशीट में 38 गवाहों के बयान शामिल हैं. इनमें इंस्पेक्टर अरुण राय की पत्नी माया राय, हेड मुहर्रिर प्रेम नारायण, उनके भाई अरविंद और भतीजे प्रशांत समेत अन्य गवाह शामिल हैं. चार्जशीट में शामिल सुसाइड नोट में इंस्पेक्टर अरुण राय ने लिखा है कि उन्होंने अपने साले और साथियों से पैसे लेकर महाराजगंज निवासी शिवभूषण चौबे उर्फ चंचल चौबे को दिए थे, जिसने मकान अलॉट कराने और प्रॉपर्टी में निवेश कराने का वादा किया था. आरोप है कि पैसा लेने के बाद वह न तो रकम लौटा रहा है और न ही कोई जवाब दे रहा है, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थे.

महिला कांस्टेबल के वकील ने क्या कहा?

वहीं, मीनाक्षी के अधिवक्ता शिवेश सिंह सेंगर का कहना है कि पुलिस ने उनकी मुवक्किल को गलत तरीके से फंसाया है और सुसाइड नोट से यह स्पष्ट होता है कि यह मामला आत्महत्या का है. दूसरी ओर जालौन के पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार का कहना है कि सुसाइड नोट का इस मामले से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है. यह विवेचना का हिस्सा है और पूरी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी. फिलहाल पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है.