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Crime News: नौकरानी ने रची ‘स्पेशल 26’ वाली कहानी, ED की फर्जी रेड डालकर साफ कर दिया मालिक का घर

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में बुजुर्ग आर्किटेक्ट के घर पड़ी कथित ED रेड का पुलिस ने खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि रेड पूरी तरह से फर्जी थी और इसे लूट के लिया प्लान किया गया था. पुलिस के अनुसार घर की नौकरानी ने यह पूरी साजिश रची थी. 24 फरवरी 2026 को थाना न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की थी.

पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए बड़े स्तर पर तकनीकी जांच की, करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. डी-ब्लॉक के निजी कैमरे, दिल्ली पुलिस के कैमरे और ट्रैफिक कैमरों की रिकॉर्डिंग को जोड़कर आरोपियों की गाड़ी का पूरा रूट तैयार किया गया. फुटेज में कार को सराय काले खां से गाजियाबाद बॉर्डर पार करते और फिर वैशाली के सेक्टर-4 में पार्क होते देखा गया.

कैसे पकड़े गए आरोपी?

इसके बाद मोबाइल टावर डंप डेटा और IMEI ट्रैकिंग के जरिए उन मोबाइल नंबरों की पहचान की गई, जो घटना स्थल और वैशाली पार्किंग दोनों जगह एक्टिव थे. जांच का तार सीधे गाजियाबाद स्थित पूजा राजपूत के घर तक पहुंचा. स्थानीय जानकारी से यह भी सामने आया कि पीड़ित परिवार की नौकरानी रेखा देवी अक्सर उसी पते पर जाती थी. यहीं से पूरी साजिश की पुष्टि हुई.

बरामद किए गए फर्जी वर्दी और आईडी कार्ड

25 फरवरी को पुलिस ने पूजा राजपूत के घर छापा मारा. वहां से ITBP के डिप्टी कमांडेंट की पूरी वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड, वायरलेस सेट बॉक्स (ताकि असली रेड जैसा माहौल बनाया जा सके), चोरी की गई 7 लग्जरी घड़ियां और जेवरात बरामद किए गए. इन बरामदगी से साफ हो गया कि पूरी वारदात सोची-समझी साजिश थी.

पुलिस ने नौकरानी 40 वर्षीय रेखा देवी और उसकी भाभी 45 वर्षीय पूजा राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं. इसमें सेवारत ITBP कांस्टेबल प्रकाश, मनीष और रिटायर्ड आर्मी कर्मचारी उपदेश सिंह थापा. वारदात में इस्तेमाल की गई बलेनो कार उपदेश सिंह थापा के नाम पर रजिस्टर्ड है.

क्या है पूरा मामला?

11 फरवरी 2026 को तीन लोग पुलिस की वर्दी पहनकर 86 वर्षीय रिटायर्ड सीनियर आर्किटेक्ट आर.सी. सभरवाल के घर पहुंचे. उन्होंने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताया और घर में रेड डालने की बात कहकर परिवार को डराया-धमकाया. आरोपियों ने घरवालों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए और तलाशी का नाटक शुरू कर दिया. इसी दौरान पीड़ित के पोते को शक हुआ. माहौल बिगड़ता देख आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन जाते-जाते करीब 34 लाख रुपये नकद और सात महंगी घड़ियां लेकर भाग हो गए थे.