ब्रेकिंग
Defence Production: भारत के रक्षा उत्पादन ने छुई नई ऊंचाई; 1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा ... Regional Parties vs Congress: क्षेत्रीय दलों में टूट का किसे मिलेगा फायदा? भारतीय राजनीति में कांग्र... Political Shift in India: INDIA गठबंधन को बड़ा झटका; टीएमसी और शिवसेना (UBT) में टूट के बाद NDA हुआ औ... Shiv Sena UBT Crisis: संजय राउत ने बागियों को दी चेतावनी; कहा- 'इस्तीफा देकर जाएं, कार्यकर्ताओं के ख... Ayodhya Ram Mandir: दानपात्र गबन मामले पर बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान; कहा- 'बिना धुएं के आग नहीं न... Jaipur Fire Accident: पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड का मुख्य आरोपी कय्यूम खान गिरफ्तार; कचरा बीनकर बिता र... Greater Noida Police: सूर्य ग्लोबल कंपनी में शर्मनाक वारदात; दो आरोपी गिरफ्तार, ICU में भर्ती है पीड़... Regional Parties vs Congress: क्षेत्रीय दलों में टूट का किसे मिलेगा फायदा? भारतीय राजनीति में कांग्र... NEET Exam Tension: डॉक्टर बनने का सपना अधूरा; अलवर की छात्रा रेणु मीणा ने दी जान, इलाके में शोक की ल... Bihar News: छपरा-हाजीपुर फोरलेन का अधूरा पुल; 15 वर्षों से निर्माणाधीन, अब 40 करोड़ के नए ठेके से जग...

अजब-गजब: 37 साल से नहीं सोए और 16 साल तक रहे मौन! बागपत के इस पुजारी की तपस्या देख विज्ञान भी हैरान

उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद का डूंडाहेड़ा गांव इन दिनों देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां स्थित श्री बालाजी धाम की ख्याति सात समंदर पार तक पहुंच चुकी है. लेकिन इस धाम की प्रसिद्धि के पीछे एक ऐसी कठोर तपस्या है, जिसे सुनकर आधुनिक विज्ञान भी हैरान रह जाए. धाम के संस्थापक महामंडलेश्वर भैया दास जी महाराज पिछले 37 वर्षों से राष्ट्र कल्याण और विश्व शांति के लिए कठिन तपस्या में लीन हैं.

महाराज जी का दावा है कि इन 37 वर्षों में उन्होंने कभी लेटकर विश्राम नहीं किया. वे या तो बैठकर साधना करते हैं या खड़े रहकर भगवान हनुमान की भक्ति में रमे रहते हैं. उनका कहना है कि प्रभु के नाम सिमरन में ही उन्हें विश्राम की अनुभूति हो जाती है. उनकी तपस्या के कुछ मुख्य पड़ाव जो भक्तों को विस्मित कर देते हैं.

  • 37 साल से बिना सोए साधना: बैठने या खड़े रहने की अवस्था में ही प्रभु भक्ति.
  • 16 वर्षों तक अन्न त्याग: एक लंबे समय तक केवल फलाहार या तरल पदार्थों पर जीवन यापन.
  • साढ़े तीन वर्ष का मौन व्रत: आत्मिक शांति और ईश्वर से जुड़ाव के लिए पूर्णतः मौन.
  • 45 हजार किमीलोमीटर की यात्रा

21 दिन की परिक्रमा और ‘सीताराम’ का जाप

श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि श्री बालाजी धाम में आने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता. यहां की सबसे बड़ी मान्यता 21 दिनों की विशेष परिक्रमा है. भक्तों के अनुसार, जो भी व्यक्ति 21 दिन तक निरंतर सीताराम नाम का पाठ करते हुए धाम की परिक्रमा करता है, उसकी बड़ी से बड़ी मनोकामना हनुमान जी की कृपा से पूर्ण हो जाती है.

विशाल गौशाला और अखंड भंडारा

करीब 18 साल पहले स्थापित ये धाम केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा का जीवंत उदाहरण है. धाम परिसर में एक विशाल गौशाला संचालित है जहां सैकड़ों गोवंश की नि:स्वार्थ सेवा की जाती है. यहां प्रतिदिन विशाल भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं. महाराज जी की प्रसिद्धि के कारण अब केवल यूपी या हरियाणा ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.

राष्ट्र कल्याण का संकल्प

महामंडलेश्वर भैया दास जी महाराज का कहना है कि उनकी यह साधना स्वयं के लिए नहीं, बल्कि देश की उन्नति और विश्व शांति के लिए है. उनका मानना है कि यह पूरा आश्रम और यहां होने वाले चमत्कार साक्षात हनुमान जी की इच्छा से संचालित हो रहे हैं.