ब्रेकिंग
Bhopal News: ट्रैफिक पुलिस के चालान काटने पर बीच सड़क हाई वोल्टेज ड्रामा, महिला ने निगला जहर पीएम मोदी ने दी चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि, कहा- 'आप हमेशा स्मरणीय रहेंगे' Arvind Kejriwal Liquor Case: शराब नीति केस में केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बरी, कोर्ट ने कहा- कोई साजि... Basti Rape Case: यूपी में दरिंदगी की हद पार, बच्चों के सामने महिला से रेप, तंग आकर की आत्महत्या Avimukteshwaranand Saraswati News: जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले बोले- 'वो प्रयास करेंगे हमें न्याय... Arvind Kejriwal Liquor Case: शराब केस में बरी होने पर भावुक हुए केजरीवाल, मनीष सिसोदिया के गले लगकर ... Gurugram Crime News: ऑटो ड्राइवर नेपाली युवती को जबरन ले गया कमरे पर, गैंगरेप के आरोप में गिरफ्तार South Movie Box Office: 'टॉक्सिक' से क्लैश के बावजूद इस साउथ हीरो की फिल्म ने रिलीज से पहले कमाए 80 ... WhatsApp New Rule 1 March: बिना सिम नहीं चलेगा व्हाट्सएप, सरकार का सख्त फैसला और आप पर असर Malaika Arora Fat Burning Exercise: बिना जिम जाए वजन कम करने का सबसे असरदार तरीका

मौत का सफर! टोहाना में बस की खिड़कियों पर लटककर कॉलेज जाने को मजबूर छात्र, रोडवेज की बदहाली देख दहल जाएगा दिल

टोहाना: टोहाना की रोडवेज बसों की व्यवस्था छात्रों की जान जोखिम में डाल रही है। हर दिन सैकड़ों स्कूली, कॉलेज और आईटीआई के विद्यार्थी बसों की खिड़कियों और दरवाजों पर लटककर यात्रा करने को मजबूर हैं जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

अधिकारियों के अनुसार यह समस्या मुख्य रूप से शहतलाई जाने वाली बसों में देखी जाती है। उनका कहना है कि स्थानीय रूटों पर अन्य बसें उपलब्ध होने के बावजूद छात्र समूह में यात्रा करने के लिए जानबूझकर इन बसों में चढ़ते हैं। कई बार समझाने पर भी वे नहीं मानते। सुबह और शाम के व्यस्त समय में बसें पूरी तरह भरी होती हैं। अंदर खड़े होने की जगह भी नहीं बचती, जिससे छात्रों को जान जोखिम में डालकर खिड़कियों से लटककर यात्रा करनी पड़ती है।

स्थानीय निवासियों सुखदेव, रमन, आंकती और मनीष ने बताया कि कई रूटों पर बसों की संख्या वर्षों से नहीं बढ़ाई गई है, जबकि विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अतिरिक्त फेरे या विशेष छात्र बसें न होने से हर दिन खतरा बना रहता है। अभिभावकों ने प्रशासन की लापरवाही पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

बस स्टैंड इंचार्ज सुरेश दहिया और डीआई महेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी रूट पर बसों की कमी नहीं है। शहर के भीतर यात्रा के लिए अलग से सिटी बसें भी उपलब्ध हैं, लेकिन छात्र जानबूझकर लंबी दूरी की बसों में चढ़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार बसों में जगह खाली होने के बावजूद छात्र बाहर लटकते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए पुलिस प्रशासन को सूचित किया जाता है, लेकिन पुलिस के पहुंचने तक छात्र तितर-बितर हो जाते हैं।