ब्रेकिंग
IND vs AFG ODI Series: भारतीय पेसर्स का घातक हथियार 'शॉर्ट बॉल'; अफगानिस्तान की हार का सबसे बड़ा कारण Sanchita Ugale Death: 22 साल की एक्ट्रेस के निधन पर करणवीर बोहरा का बड़ा बयान; टीवी इंडस्ट्री के 'कड़व... G-7 Summit Viral Video: इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी की बेटी का वीडियो वायरल; कैमरे के सामने शर्मा... LPG Price Update: रसोई गैस की कीमतों में बड़ा अंतर; जानें मुंबई से लेह तक क्या है आपके सिलेंडर का रे... Petrol Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद क्या सस्ते हुए पेट्रोल-डीजल? जानें ... Nirjala Ekadashi 2026: इस बार निर्जला एकादशी पर बन रहे 4 दुर्लभ महासंयोग; जानें शुभ मुहूर्त और पूजा ... Monsoon Skin Care: ऑयली स्किन से हैं परेशान? मानसून में चिपचिपाहट दूर करने के असरदार घरेलू उपाय Telegram Ban & VPN: NEET परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर पाबंदी, यूजर्स VPN के जरिए लगा रहे जुगाड़ Tonk Murder Case: चांदी के गहनों के लालच में पड़ोसन की बेरहमी से हत्या; 10 थानों की पुलिस ने ऐसे पकड़ा... Sitapur Crime News: वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए 25 महिलाओं को बनाया शिकार; करोड़ों की ठगी करने वाला अन...

चाइनीज मोबाइल से भारतीयों का मोहभंग! पहली बार धड़ाम हुई सेल, इन ब्रांड्स को लगा झटका

भारत में बीते साल चाइनीज फोन बनाने वाली कंपनियों को तगड़ा झटका लगा है. पिछले फिस्कल ईयर में भारत में पहली बार चीनी स्मार्टफोन ब्रांड Xiaomi, Oppo, OnePlus और Realme की सेल्स में गिरावट आई.

पिछले महीने रेगुलेटरी फाइलिंग के डेटा से पता चलता है कि उनके प्रदर्शन ने FY25 में भारत में काम कर रही नौ सबसे बड़ी चीनी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के कुल रेवेन्यू में 4.5% की कमी की. यह पहली बार था जब चीनी कंपनियों ने भारत में रेवेन्यू में गिरावट दर्ज की. पिछले साल, उन्होंने 42% की बढ़ोतरी दर्ज की थी.

रिटेल वैल्यू हुई कम

मार्केट इंटेलिजेंस फर्म Counterpoint Research के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा कि 2025 में भारत के स्मार्टफोन मार्केट में 20,000 रुपये से कम कीमत वाले हैंडसेट का वैल्यू शेयर दो साल पहले के 38% से घटकर 29% हो गया. उन्होंने कहा कि इससे सबसे ज्यादा मुकाबले वाले कीमत वाले सेगमेंट में चीनी ब्रांड्स पर असर पड़ा है. Counterpoint के अनुसार, भारत में चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स का रिटेल वैल्यू शेयर 2023 में 54% से घटकर 2025 में 48% हो गया. हालांकि, बिक्री की संख्या के हिसाब से उनका मार्केट शेयर 73% से 75% के बीच बना रहा. इंडस्ट्री एक्सपर्ट और अधिकारियों ने संकेत दिया कि ज्यादा कीमत वाले हैंडसेट की मांग बढ़ने के बावजूद, आम और मिड-सेगमेंट में सुस्ती बनी रह सकती है. इस बीच, मेमोरी चिप्स की कीमत में तेज़ बढ़ोतरी के कारण स्मार्टफोन सेगमेंट में दाम बढ़ रहे हैं. बड़ी स्मार्टफोन कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन ने चीनी इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड्स की कुल बिक्री को नीचे खींच लिया, जबकि कुल रेवेन्यू में इस सेगमेंट का बड़ा योगदान है.

स्मार्टफोन के अलावा, बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में अच्छी बढ़त देखी गई, जिसमें हायर, लेनोवो और मिडिया सबसे आगे रहे, और महंगे घरेलू उपकरणों में मजबूत मांग देखने को मिली. चीनी हैंडसेट ब्रांड वीवो, जिसके पोर्टफोलियो में कई महंगे मॉडल हैं, ने भी पिछले फिस्कल ईयर के मुकाबले रेवेन्यू में 11% की बढ़ोतरी के साथ अच्छी बढ़ोतरी दिखाई. एपल और सैमसंग ने अपने प्रीमियम प्रोडक्ट्स के साथ, ग्राहकों की पसंद में आए बदलाव का फायदा उठाते हुए टॉप चीनी ब्रांड्स से वैल्यू मार्केट शेयर हासिल किया.

आईफोन की सेल में हुई बढ़ोतरी

आईफोन बनाने वाली कंपनी एपल की भारत में सेल्स FY25 में 18% बढ़कर 79,378 करोड़ रुपये हो गई, जबकि सैमसंग की सेल्स 12% बढ़कर 1.11 लाख करोड़ रुपये हो गई. कोरियाई घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनी LG इलेक्ट्रॉनिक्स ने भी FY25 में 14% की बढ़ोतरी दर्ज की. RoC फाइलिंग का विश्लेषण करने वाली बिजनेस इंटेलिजेंस कंपनी AltInfo के फाउंडर मोहित यादव ने कहा कि वीवो की बढ़ोतरी लगभग सैमसंग जितनी ही रही, जबकि बाकी चीनी कंपनियों की बढ़ोतरी कम हुई. उन्होंने कहा कि मार्केट महंगे प्रोडक्ट्स और मजबूत ऑफलाइन रिटेल की ओर बढ़ रहा है और वीवो अकेला चीनी ब्रांड है जिसके आंकड़े बताते हैं कि वह इस बदलाव के साथ कदम मिला रहा है.