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करोड़ों का फ्लाईओवर और ‘अंधा’ सिस्टम: डिस्प्ले बोर्ड के गलत इशारे से भटक रहे वाहन चालक, बड़ी दुर्घटना का डर

जबलपुर में बना मध्य प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. करीब 7 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से तैयार किया गया था, लेकिन उद्घाटन के पांच महीने बाद ही इसकी खामियां सामने आ रही हैं. गलत दिशा संकेतों और भ्रामक डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के कारण यह फ्लाईओवर लोगों के लिए सुविधा से ज्यादा परेशानी का कारण बनता जा रहा है.

1180 करोड़ रुपए की लागत से बने इस फ्लाईओवर का शुभारंभ 23 अगस्त 2025 को किया गया था. करीब 6 वर्षों की लंबी अवधि में तैयार हुए इस प्रोजेक्ट से उम्मीद थी कि शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात सुगम होगा, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है. फ्लाईओवर पर लगे नेविगेशन इंडिकेटर्स और डिजिटल साइन बोर्ड सही दिशा की जानकारी देने में नाकाम साबित हो रहे हैं.

पुलिस आरक्षक का Video वायरल

59 सेकंड के वीडियो में पुलिस आरक्षक शशांक तिवारी कहते हुए नजर आ रहे हैं, “दोस्तों, अभी हम खड़े हैं जबलपुर के फ्लाईओवर पर, जो कि मध्य प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर है, लेकिन यह फ्लाईओवर हमारे जबलपुर के लोगों के लिए एक तरह से भूलभुलैया साबित हो रहा है, क्योंकि यहां पर उस तरह के इंडिकेशन नहीं दिए गए हैं. और जो थोड़े-बहुत इंडिकेशन दिए भी गए हैं, उन्हें देखकर लोगों को यह समझ में नहीं आता कि किस तरफ उतरना है, तो आप लोगों को मैं एक छोटा-सा तरीका बता रहा हूं.”

देखिए आप इस रोड पर जो डिवाइडर बने हुए हैं, उनमें एक सीधी पट्टी व्हाइट कलर की और ब्लैक कलर की दिखाई देगी. अगर पट्टी सीधी-सीधी है तो इसका मतलब है कि आपको सीधे चलते रहना है, लेकिन अगर आपको कहीं मुड़ना है, तो इन डिवाइडर में जो ब्लैक कलर दिया गया है, वह यह दर्शाता है कि आपको एरो (तीर) के अनुसार आगे बढ़ना है. उस एरो को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ें. इससे आपका यह कन्फ्यूजन दूर हो जाएगा कि किस तरफ से निकलना है, किस तरफ उतरना है और किस तरफ से फ्लाईओवर पर चढ़ना है.

फ्लाईओवर पर दिशा के गलत संकेत

फ्लाईओवर पर गलत संकेतों की समस्या सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं है. गोहलपुर से फ्लाईओवर पर चढ़ने के करीब एक किलोमीटर बाद दमोह नाका चौराहा आता है. यहां से सीधे जाने पर रानीताल और मदनमहल की ओर रास्ता जाता है, लेकिन डिस्प्ले बोर्ड पर इन स्थानों के लिए दाहिनी ओर मुड़ने का संकेत दिखाया जा रहा है. इस वजह से कई वाहन चालक गलती से राइट टर्न ले लेते हैं.

कई किलोमीटर घूमना पड़ा रहा

गलत दिशा में मुड़ने के बाद लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त घूमना पड़ता है, जिससे समय की बर्बादी के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नए शहर में आने वाले यात्रियों के लिए यह फ्लाईओवर और ज्यादा परेशानी खड़ी कर रहा है.