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इतना महंगा लिफाफा तो अमेरिका में भी नहीं होगा! एक की कीमत 246 रुपये… मेडिकल कॉलेज ने किया गजब का कारनामा

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के मेडिकल कॉलेज में स्टेशनरी घोटाले में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. यहां मेडिकल कॉलेज में हुए एक स्टेशनरी घोटाले में जांच के बाद पता चला कि कॉलेज में स्टेशनरी खरीद के नाम पर लाखों का घोटाला किया गया. घोटाला भी ऐसा जिसे सुनकर कोई भी हैरान हो जाए. बाजार में जिस लिफाफे की कीमत मात्र 1 रुपए है. उस लिफाफे को 246 और 123 रुपए में खरीदा गया है. आप भी यही सोच रहे होंगे कि इतना मंहगा तो अमेरिका में भी नहीं होगा. अब इस मामले में एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है. उसके बाद ही दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.

सहारनपुर के पिलखनी में शेख-उल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज है. यहां साल 2018 में टेंडर प्रक्रिया में बड़ी धांधली हुई, जिसके बाद स्टेशनरी घोटाले की खबर सामने आई थी. जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज में साल 2018 में स्टेशनरी और कंटीजेंसी के समान खरीदे गए थे और उन सभी समान का भुगतान कीमत से कई गुना ज्यादा किया गया था, जिस लिफाफे को बाजार से महज एक रुपये में खरीदा जा सकता था. उस लिफाफे को 123 रुपए से 246 रुपए तक खरीदा गया. इतना ही नहीं स्टेशनरी के अन्य समान को भी 30 प्रतिशत से ज्यादा कीमत देकर खरीदा गया.

जांच के लिए कमेटी का गठन

कॉलेज में हुए इस घोटाले की जांच फाइनेंस कंट्रोलर ने की. जांच में ये सारा गोलमाल देखकर वो भी चकरा गए, जिसके बाद एक रिपोर्ट बनाई गई और मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्सिंग क्लर्क फैजान और जिग्नेश की तत्काल सेवाएं समाप्त कर दी गई. वहीं इस मामले में मेडिकल कालेज के तत्कालीन प्रिंसिपल डॉक्टर अरविंद द्विवेदी भी जांच के घेरे में आ गए थे. तत्कालीन कमिश्नर संजय कुमार ने इस पूरे घोटाले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था, जिसके बाद कमेटी ने एक रिपोर्ट बनाकर कमिश्नर को भेजी और उस रिपोर्ट के आधार पर एक चार्जशीट बनाकर शासन को भेजी गई.

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

अब उस चार्जशीट पर एक आरोप पत्र शासन से नए कमिश्नर अटल कुमार राय को मिला है. बताया जा रहा है कि आरोप पत्र में तत्कालीन प्रिंसिपल दोषी पाए गए हैं. अब इस आरोप पत्र के आधार पर सहारनपुर कमिश्नर अटल कुमार राय ने तत्कालीन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर द्विवेदी से सबूत मांगे हैं. उन्हें पेश होने का आदेश दिया है. सहारनपुर के कमिश्नर अटल कुमार राय का कहना है कि इस मामले की एक फाइनल रिपोर्ट बनाकर जल्दी ही शासन को भेजी जाएगी और जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.