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चुनाव के नाम पर मजाक किया गया… कांग्रेस ने बताया हरियाणा में क्यों मिली हार, EC पर फोड़ा ठीकरा

हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली हार पर कांग्रेस ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की. कांग्रेस फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के चेयरमैन करण दलाल और विधायक अशोक अरोड़ा ने इस प्रेस वार्ता को संबोधित किया. इसमें हार के कारणों को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया. इस दौरान करण दलाल ने कहा कि हाईकमान के कहने पर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया.

सभी सर्वे और रिपोर्ट्स प्रदेश में हरियाणा की सरकार बनती हुई दिखाई गई है लेकिन नतीजे हैरान करने वाले सामने आए. हमारी रिपोर्ट में तथ्यों के साथ बताया गया है कि चुनाव के नाम पर मजाक किया गया. ईवीएम का डाटा अब तक इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर नहीं है. सिर्फ चुनाव प्रतिशत ही बताया गया. चुनाव आयोग बीजेपी की दासी है. ईवीएम मशीनों में बीप की आवाज नहीं थी.

हर क्षेत्र में 15000 के करीब वोट बढ़ने का अनुमान

करण दलाल ने कहा कि जहां हेराफेरी की गई वहां के प्रिजाइडिंग ऑफिसर आरएसएस से जुड़े बैकग्राउंड से थे. सभी सीटों पर हेराफेरी नहीं की गई कुछ सीटों पर ही ऐसा किया गया. मशीनों का खेल करके झूठे आंकड़ों का खेल किया गया. ईवीएम बैटरी को लेकर भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया. फॉर्म 17-सी के भी सही वोटों की जानकारी नहीं दी गई. 5 तारीख को वोट प्रतिशत भी बदला गया. सिर्फ वोट प्रतिशत ही बताया गया. 7 तारीख को वोट प्रतिशत फिर बढ़ा दिया गया. इस पर्सेंटेज के हिसाब से हर विधानसभा क्षेत्र में 15000 के करीब वोट बढ़ने का अनुमान है.

सत्ता में बने रहने के लिए सिस्टम का मिसयूज किया

उन्होंने कहा कि अगर इलेक्शन कमीशन या बीजेपी के नेता इस रिपोर्ट के एक प्वाइंट को भी गलत साबित कर दें तो हम रिपोर्ट वापस ले लेंगे और माफी भी मांग लेंगे. सत्ता में बने रहने के लिए सिस्टम का मिसयूज किया गया. सिलेक्टेड इलाकों में ईवीएम का खेल किया गया. शहरी इलाकों में ज्यादा खेल किया गया. हर हरियाणा के जिले में चुनाव के बाद 5 से लेकर 7 तारीख तक वोट प्रतिशत बढ़ाया गया लेकिन नूंह में वोट प्रतिशत गिराया गया. हर विधानसभा क्षेत्र में जितने वोट पड़े उससे कम या ज्यादा गिनती हुई है.

EVM बनाने वाली कंपनी में BJP के नेता पदाधिकारी

कांग्रेस फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के चेयरमैन करण दलाल ने आगे कहा कि 10-12 विधानसभा क्षेत्रों में कुछ ईवीएम मशीनों के वोट खराबी की वजह से गिने नहीं गए. ईवीएम बनाने वाली कंपनी में बीजेपी के नेता पदाधिकारी बनाए गए. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होना चाहिए. मतदान वाले दिन 6 बजे के बाद जो लोग अंदर हैं, उनकी वीडियोग्राफी होनी चाहिए और अंदर आए उन लोगों को पर्ची दी जानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया क्योंकि वो एक खेल चल रहा था.

बीजेपी को कुल पड़े वोटों में 72235 का मिसमैच

वोट प्रतिशत के हिसाब से बीजेपी को कुल पड़े वोटों में 72235 का मिसमैच है. चुनाव आयोग की वेबसाइट के प्रतिशत के हिसाब से 28236 वोट ज्यादा आ रहे हैं. हम जल्द ही उन पुलिसकर्मियों के नामों का भी खुलासा करेंगे, जिन्होंने चुनाव में बीजेपी के लिए काम किया. सिंबल लॉडिंग के लिए जो अधिकारी आए थे उनकी कोई वीडियोग्राफी नहीं की गई.

अगर मेरा आंकड़ा झूठा है तो मुझ पर मुकदमा होना चाहिए

अगर मेरा आंकड़ा झूठा है तो मुझ पर ये रिपोर्ट बनाने के लिए मुकदमा होना चाहिए नहीं तो हेराफेरी करने वाले अधिकारियों और नेताओं पर मुकदमा होना चाहिए. ये जनता की चुनी हुई नहीं बल्कि ईवीएम के खेल से बनी सरकार है. मोटे तौर पर अर्बन इलाकों में ईवीएम मशीनों और अफसरशाही का खेल किया गया. पहली बार इलेक्शन प्रोसेस शुरू होने के बाद चुनाव की तारीखें बदली गईं.