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मणिपुर हिंसा का समाधान नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण, सरकार जल्द निकाले हल: RSS

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने मणिपुर हिंसा पर चिंता जताई है. संघ ने कहा कि मणिपुर हिंसा का समाधान नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. आरएसएस ने कहा कि पिछले 19 महीने से जारी हिंसा अभी तक नहीं सुलझी है. हिंसा के कारण कई निर्दोष लोगों की जान चली गई. लाखों लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं. हिंसा की वजह से बेकसूर लोगों को काफी नुकसान हो रहा है.

संघ ने मणिपुर में महिलाओं और बच्चों पर हुई क्रूरता की कड़ी निंदा की. यह कृत्य कायरतापूर्ण है और मानवता के सिद्धांतों के खिलाफ है. केंद्र सरकार और राज्य सरकार को जल्द से जल्द इस संघर्ष का हल निकालना चाहिए.

मंत्रियों-विधायकों के घरों में आगजनी

मणिपुर में महिलाओं और बच्चों के शव बरामद होने के बाद हालात एक बार फिर से बिगड़ गए हैं. इंफाल घाटी में गुस्साई भीड़ ने बीजेपी के मंत्रियों और विधायकों के घरों में शनिवार रात आग लगा दी. प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के पैतृक आवास पर भी धावा बोलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया.

वैसे तो मणिपुर में पिछले साल मई से छिटपुट हिंसा जारी है. मगर मौजूदा स्थिति ने एक बार फिर से राज्य में तनाव पैदा कर दिया है. हिंसा के कारण सात जिलों में कल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी. कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिए गए. हिंसा प्रभावित इलाकों में भारी जवानों की तैनाती की गई. जिरीबाम समेत छह पुलिस थाना क्षेत्रों में AFSPA फिर लागू कर दिया गया.

मणिपुर में क्यों भड़की हिंसा?

दरअसल, शनिवार को जिरीबाम जिले में दो महिलाओं और एक बच्चे के शव बराक नदी से बरामद किए गए जबकि एक महिला और दो बच्चों के शव शुक्रवार रात को मिले. आरोप है कि उग्रवादियों ने अपहरण के बाद इनकी हत्या कर दी. जिरीबाम में सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच सोमवार को मुठभेड़ हुई थी. इसके बाद से राहत शिविर में रहने वाली तीन महिलाएं और तीन बच्चे लापता थे. इस मुठभेड़ में 10 उग्रवादी भी मारे गए थे.

अमित शाह आज करेंगे बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री ने रविवार को मणिपुर की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया था. वहीं, सूत्रों के मुताबिक अमित शाह आज मणिपुर में एक अहम बैठक करेंगे और वहां की स्थिति की समीक्षा करेंगे. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को मणिपुर में तैनात सभी सुरक्षा बलों को शांति बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे. गृह मंत्रालय ने कहा कि हिंसक और विध्वंसकारी गतिविधियों में शामिल होने की कोशिश करने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.