ब्रेकिंग
Indian Stock Market: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भी बाजार पर संकट, 'सुपर अल नीनो' से क्यों... WhatsApp New Feature: अब नंबर देने की जरूरत नहीं! वॉट्सएप पर अपना यूजरनेम बनाने की सुविधा शुरू Draupadi Panchali: पांचाली क्यों कहलाईं द्रौपदी? पांडवों से विवाह के पीछे का पौराणिक कारण Bilaspur News: टेंट लगाने के दौरान मजदूर की करंट से दर्दनाक मौत, होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवा... मनेंद्रगढ़: गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देने वाली महिला गिरफ्तार, पुलिस ने बीएनएसएस की धाराओं मे... Rudreshwar Corridor Dhamtari: धमतरी को मिली बड़ी सौगात, 20 करोड़ की लागत से विकसित होगा रुद्रेश्वर धाम Rath Yatra Special Train: गोंदिया-पुरी के बीच चलेगी रथयात्रा स्पेशल ट्रेन, जानें टाइम-टेबल और रूट Dhamtari News: धमतरी के सत्यांशु दीप का स्पेशल ओलंपिक फुटबॉल टीम में चयन, स्वीडन में करेंगे भारत का ... एमसीबी हत्याकांड: तिहरे हत्याकांड के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग, मनेन्द्रगढ़ पहुंचे करणी सेना ... रायपुर: सुपरवाइजर और सेल्समैन बनाने का झांसा देकर ठगी, पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने वाले ग...

संसद में राहुल गांधी की किसानों से मुलाकात, लेकिन क्यों हुआ विवाद?

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की बुधवार को संसद परिसर में किसानों से मुलाकात होनी है. ये मीटिंग संसद में राहुल गांधी के चैंबर में होगी. हालांकि ये मुलाकात पहले ही चर्चा में आ गई है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि किसानों का पास नहीं बनाया जा रहा. हालांकि, जब ये मामला मीडिया में आया तो किसानों को राहुल से मुलाकात की इजाजत मिली.

कांग्रेस सांसद ने कहा, नेता विपक्ष होते हुए मैंने कुछ किसानों को अपने चैंबर में बुलाया था, लेकिन उनका पास नहीं बनाया जा रहा. मैं खुद उनसे मिलने जा रहा हूं. राहुल गांधी ने कहा कि ये मुद्दा है. हमें क्या करना चाहिए. ये टेक्नीकल इश्यू भी हो सकता है. राहुल के ऑफिस के मुताबिक, मीडिया में खबर आने के बाद उनको जानकारी दी गई कि किसानों के अंदर आने के पास बनाए जा रहे हैं. अब राहुल के चैंबर में मुलाकात होगी.

पंजाब के 12 किसान नेता राहुल गांधी से मिलने संसद भवन पहुंचे हैं. वे कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा बडिंग के साथ संसद भवन परिसर में पहुंचे हैं.

विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन

आज यानी बुधवार से संसद में बजट पर चर्चा हो रही है. कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया. विपक्षी सांसदों ने बिहार और आंध्र प्रदेश को छोड़कर अन्य राज्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए राज्यसभा से बॉयकॉट किया. विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट भाषण में राज्यों का नाम न लेने का अर्थ यह नहीं है कि उन्हें नजरअंदाज किया गया है.

उच्च सदन की कार्यवाही आरंभ होने के कुछ देर बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बजट का जिक्र करते हुए कहा, इसमें किसी भी राज्य को कुछ नहीं मिला. सबकी थाली खाली और दो की थाली में पकौड़े और जलेबी. उन्होंने दावा किया कि बजट में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, दिल्ली और ओड़िशा सहित कई राज्यों को कुछ नहीं मिला.

खरगे ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में विपक्षी पार्टी चुनकर आई है या जहां जनता ने सत्तारूढ़ पार्टी को नकार दिया है, उन क्षेत्रों को बजट में नजरअंदाज किया गया है. खरगे के आरोपों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि बजट भाषण में अक्सर हर राज्य का नाम लेना संभव नहीं होता है लेकिन इसका यह लगाना कि राज्यों को नजरअंदाज किया गया, अनुचित है.