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भाजपा विधायक ने सीएम को लिखा पत्र- महाकाल मंदिर में अवैध वसूली से सरकार की हो रही बदनामी

उज्जैन। उज्जैन में ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में आए दिन भस्म आरती, दर्शन के नाम पर हो रही ठगी, मारपीट की घटना तथा कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसको लेकर घट्टिया से भाजपा विधायक सतीश मालवीय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है।

विधायक ने इसमें कहा है, मध्य प्रदेश सरकार की भी बदनाम हो रही है। पत्र में अफसरों की लापरवाही का भी जिक्र किया है और शीघ्र ही सीएम से हस्तक्षेप कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करवाने की मांग रखी है।

विधायक मालवीय ने पत्र में लिखा है कि महाकाल मंदिर की व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं। श्रद्धालुओं के साथ मारपीट, भस्म आरती दर्शन के नाम पर भक्तों से अवैध वसूली तथा ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

कर्मचारियों द्वारा भक्तों के साथ दुर्व्यवहार आम बात हो गई है। रविवार को ही महाकाल भक्तों के साथ अवैध वसूली के तीन मामले सामने आए हैं। इनमें मंदिर में ही तैनात निजी कंपनी के कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई है और उन्हें हटाया गया है। अकेले जून महीने में श्रद्धालुओं के साथ ठगी के एक दर्जन से ज्यादा मामले हुए हैं।

अफसरों की लापरवाही

विधायक मालवीय का कहना है कि मंदिर में इस प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन तथा मंदिर प्रबंध समिति की है। मगर देखने में आ रहा है कि अधिकारी इन घटनाओं को रोकने के लिए कारगर कदम नहीं उठा पा रहे हैं।

इन सभी स्थितियों से उज्जैन की छवि पर सीधा असर पड़ रहा है और मध्य प्रदेश शासन की बदनामी हो रही है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह सीधे हस्तक्षेप कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के कदम उठाए, ताकि भक्तों को सुविधा से भगवान महाकाल के दर्शन हो सकें।

मंदिर में स्थायी प्रशासक की नियुक्ति नहीं

महाकाल मंदिर में सालों से स्थायी प्रशासक नियुक्त करने की चर्चा चल रही है। लेकिन अब तक प्रदेश सरकार स्थायी प्रशासक नियुक्त नहीं कर पाई है। सालों से जिला प्रशासन के किसी अधिकारी को स्वकार्य के अतिरिक्त मंदिर प्रशासक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा रहा है। यह अफसर व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।

सालों से महत्वपूर्ण विभागों में वर्षों से जमे कर्मचारी अस्थायी प्रशासक को व्यवस्था ध्वस्त होने का भय दिखाकर मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। अधिकारी भी सीआर खराब होने से डर से ठोस निर्णय लेने से बचते हैं। इसी का परिणाम है कि मंदिर की व्यवस्था ध्वस्त होती जा रही है।

इन घटनाओं से व्यवस्थाओं पर उठे बड़े सवाल

    • शुक्रवार को मुंबई से आए श्रद्धालुओं से 14 हजार रुपये की ठगी हुई थी
    • शनिवार को गुजरात से आए श्रद्धालुओं के साथ 4 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई
    • रविवार को क्रिस्टल कंपनी के गार्ड भक्तों से रुपऐ लेकर उन्हें वीआईपी दर्शन कराते पकड़े गए।
    • बीते दिनों बाहर से आए दर्शनार्थियों के साथ मंदिर के निर्माल्य गेट पर गार्डों ने मारपीट की थी।
  • बीते एक सप्ताह में दो महिला कर्मचारी सहकर्मियों पर छेड़छाड़ के आरोप लगा चुकी हैं।