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अपनी आस्था के उत्तुंग प्रतीक ‘सम्मेद शिखर’ को बचाने सड़क पर उतरा अखिल जैन समाज, निकाला मौन जुलूस

जबलपुर ।    शहर का व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र-फुहारा, दिन-बुधवार। अमूमन इस बाज़ार में मंगलवार अवकाश दिवस होता है, किन्तु बुधवार भी वैसा ही नज़र आया। कारण- 24 में से 20 तीर्थंकरों की मोक्ष स्थली सम्मेद शिखर, पारसनाथ पर्वतराज गिरिडीह झारखंड के संरक्षण के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन। एकजुट सकल जैन समाज ने मौन जुलूस निकाला। साथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय पर्यावरण, वन मंत्री और झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व मौन रैली सुबह 11 बजे बड़ा फुहारा से शुरू हुई। दिगंबर जैन पंचायत सभा के अध्यक्ष कैलाश चंद जैन और प्रवक्ता अमित जैन पड़रिया ने बताया कि सम्मेद शिखर तीर्थस्थल को बचाने के लिए देशभर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया गया। मूल मांग यही है कि सम्मेद शिखर तीर्थ स्थल को वन्य जीव अभयारण्य, पर्यटन, जोनल मास्टर प्लान की सूची से बाहर किया जाए। पारसनाथ पर्वत को वन्य जीव अभयारण्य का एक भाग लिखकर प्राचीन जैन तीर्थ की स्वतंत्र पहचान और पवित्रता नष्ट करने वाली झारखंड सरकार की अनुशंसा पर जारी अधिसूचना को अलग की जाए। इसी प्रकार शिखर जी और मधुवन को मांस मदिरा बिक्री मुक्त पवित्र जैन तीर्थस्थल घोषित किया जाए। जब तक मांग पूरी नहीं होती जैन समाज चैन से नहीं बैठेगा।