छत्तीसगढ़ में ‘किसान मितान योजना’ का ऐलान, किसानों को सशक्त बनाने के लिए बीजेपी किसान मोर्चा की नई पहल
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय ‘कुशाभाऊ ठाकरे परिसर’ में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बंशीलाल गुर्जर विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए राज्य में ‘किसान मितान योजना’ के गठन और उसके उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से और अधिक समृद्ध तथा मजबूत बनाने की दिशा में यह एक बेहद अहम शुरुआत होने जा रही है।
ऐप लॉन्च कार्यक्रम में शामिल हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष बंशीलाल गुर्जर, मतदान केंद्र स्तर तक दस कार्यकर्ताओं को जोड़कर संगठन विस्तार की सराहना की
इस योजना के आधिकारिक ऐप लॉन्च कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि यह एक बहुत बड़ी और सराहनीय उपलब्धि होगी कि कोई मोर्चा अपने सांगठनिक विस्तार के तहत प्रत्येक मतदान केंद्र (बूथ) तक दस समर्पित कार्यकर्ताओं को आपस में जोड़ेगा। उन्होंने इस अनूठी कार्ययोजना के लिए छत्तीसगढ़ भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और उनकी पूरी टीम को अपनी ओर से हार्दिक बधाइयां दीं।
छत्तीसगढ़ को कहा जाता है धान का कटोरा, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यकाल में कृषि क्षेत्र में हुए हैं अभूतपूर्व कार्य
संगठन के विस्तार की रूपरेखा पर बात करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का ‘धान का कटोरा’ माना जाता है, और धान हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है। इसके विकास और कृषि के विस्तार के लिए राज्य की सरकारों ने हमेशा बेहतरीन काम किया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि दोनों के कार्यकाल में किसानों के हितों को ध्यान में रखकर कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।
पारदर्शी धान खरीदी और डिजिटल सर्वे की व्यवस्था, तीन वर्षों में आदान सहायता के रूप में दिए गए 33 हजार करोड़ रुपये
किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राज्य की भाजपा सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की खरीद बहुत ही सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। प्रदेश में 3,100 से अधिक धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। किसानों के लिए एक विशिष्ट पहचान पत्र (ID) की व्यवस्था कर दी गई है, जिससे उन्हें बार-बार नया पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती। आधुनिक डिजिटल सर्वे के माध्यम से रकबे के हिसाब से धान की खरीदी हो रही है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्षों के दौरान किसानों को आदान सहायता के रूप में लगभग 33 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि वितरित की है।
फसल विविधीकरण (क्रॉप डाइवर्सिटी) पर विशेष फोकस, धान के स्थान पर दलहन या अन्य फसल उगाने पर सरकार दे रही 15 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान
बंशीलाल गुर्जर ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि कृषि क्षेत्र में फसल विविधीकरण (Crop Diversity) को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार बहुत ही सराहनीय प्रयास कर रही है। इसके तहत यदि कोई किसान पारंपरिक धान की फसल को छोड़कर दलहन या अन्य लाभकारी फसलों का उत्पादन अपनाता है, तो सरकार की ओर से उसे प्रति एकड़ 15 हजार रुपये का विशेष अनुदान (इंसेंटिव) प्रदान किया जा रहा है।
प्रदेश के 27 हजार बूथों पर गठित होगी ‘किसान मितान’ टीम, शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण जैसी सुविधाओं का मिलेगा लाभ
प्रेसवार्ता के दौरान किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर ने बताया कि छत्तीसगढ़ के करीब 27 हजार बूथों पर ‘किसान मितान’ टीमों का गठन किया जाएगा। चूंकि हमारा देश और प्रदेश किसानों का है, इसलिए यह टीम पूरी निष्ठा से अन्नदाताओं के कल्याण के लिए कार्य करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना हो या कृषि ऋण पर लगने वाला ब्याज—जिसे पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल में चरणबद्ध तरीके से घटाकर 0% ब्याज दर पर लाया गया था—ऐसे तमाम जनहितैषी कार्य आने वाले समय में ‘किसान मितान’ टीम के माध्यम से और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाए जाएंगे।