UP PCS Transfer News: पीलीभीत में वोटर लिस्ट गड़बड़ी मामले के बाद दो SDM समेत 11 पीसीएस अधिकारियों के तबादले
पीलीभीत: उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बार फिर बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिला है। हाल ही में कुल 11 पीसीएस (PCS) अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, जिनमें पीलीभीत जिले से जुड़े दो तत्कालीन एसडीएम (SDM) को हटाए जाने का मामला सबसे अधिक सूर्खियों में बना हुआ है। इन अधिकारियों में मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी के नाम शामिल हैं। इन दोनों अधिकारियों का यह स्थानांतरण ठीक ऐसे संवेदनशील समय पर हुआ है, जब पीलीभीत में मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में गंभीर गड़बड़ियों और ईपीआईसी (EPIC) नंबरों के आपस में मिसमैच होने का बड़ा मामला प्रकाश में आया था। जानकारों का मानना है कि इन तबादलों को चुनाव प्रक्रिया के दौरान सामने आई अनियमितताओं के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
21 अक्टूबर को सामने आया था मामला, चुनाव आयोग के निर्देश पर हुई थी जांच के बाद कार्रवाई
यह पूरा प्रकरण गत 21 अक्टूबर को तब खुलकर सामने आया जब वोटर लिस्ट में ईपीआईसी नंबरों में हेरफेर और त्रुटियों की कई शिकायतें मिलने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने इसकी आधिकारिक जांच के आदेश दिए थे। जमीनी शिकायतों में यह बात सामने आई थी कि कई मतदाताओं के वोटर आईडी नंबरों के आगे अन्य व्यक्तियों के नाम प्रदर्शित हो रहे हैं। जब प्रारंभिक जांच में ये गंभीर गड़बड़ियां साबित हो गईं, तब मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को उनके तत्कालीन पदों से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था, और अब शासन द्वारा इन्हें औपचारिक रूप से साइड पोस्टिंग दे दी गई है।
पूरनपुर और अमरिया के एसडीएम पद पर थे तैनात, 13,779 फॉर्म्स की प्रविष्टि जांच के घेरे में
विदित हो कि कार्रवाई की जद में आए मयंक गोस्वामी उस समय पूरनपुर तहसील और हेमंत चौधरी अमरिया तहसील में एसडीएम के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इसके साथ ही वे सदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। इस मामले में संलिप्तता पाए जाने पर एक कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की संविदा सेवा भी समाप्त कर दी गई थी। इस पूरे भ्रष्टाचार और लापरवाही की गंभीरता का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि जांच के दौरान 31 मई से 29 अगस्त 2026 के बीच वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर पर कुल 13,779 फॉर्म्स की प्रविष्टि का मामला संदेह के दायरे में आया। इनमें से 4,717 फॉर्म मयंक गोस्वामी के कार्यकाल में और 9,062 फॉर्म हेमंत चौधरी के कार्यकाल के दौरान दर्ज किए गए थे, तथा जांच में इन सभी से जुड़े डेटा के गायब मिलने की पुष्टि भी हुई थी। इसके बाद 22 अक्टूबर को जिलाधिकारी ने दोनों अधिकारियों व कंप्यूटर ऑपरेटर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की थी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की गई थी।
शासन द्वारा जारी की गई 11 पीसीएस अधिकारियों की नई तबादला सूची
राज्य शासन की ओर से 30 अक्टूबर को जारी किए गए नवीन तबादला आदेश के तहत पीलीभीत के दोनों विवादित अधिकारियों को साइडलाइन पोस्टिंग सौंपी गई है, जबकि अन्य प्रशासनिक फेरबदल इस प्रकार हैं:
-
मयंक गोस्वामी: एसडीएम पीलीभीत से हटाकर बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी), मुख्यालय लखनऊ।
-
हेमंत कुमार चौधरी: एसडीएम पीलीभीत से विशेष कार्याधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण।
-
अजय कुमार: बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी), मुख्यालय लखनऊ से नए एसडीएम पीलीभीत।
-
मांधाता प्रताप सिंह: विशेष कार्याधिकारी, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से एसडीएम पीलीभीत।
-
राज बहादुर: हाथरस से स्थानांतरित कर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) बुलंदशहर।
-
संजय कुमार यादव: एसडीएम लखनऊ से अपर नगर आयुक्त, नगर निगम लखनऊ।
-
दुर्गेश यादव: एसडीएम फतेहपुर से राहत आयुक्त कार्यालय में विशेष कार्याधिकारी।
-
शशि कुमार: राहत आयुक्त कार्यालय से एसडीएम फतेहपुर।
-
सुशील कुमार सिंह: मथुरा से स्थानांतरित होकर एसडीएम फतेहपुर।
-
अमित कुमार-द्वितीय: सहकारी चीनी मिल संघ से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रायबरेली।
-
अशोक कुमार गुप्ता: रायबरेली से उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ के प्रधान प्रबंधक।
