Azam Khan News: प्रवर्तन निदेशालय का बड़ा एक्शन, 1170 करोड़ रुपये की जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतें अटैच
रामपुर: उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े एक बड़े और सनसनीखेज घटनाक्रम के तहत समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से एक बहुत बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए आजम खान से जुड़ी रामपुर स्थित प्रतिष्ठित ‘मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी’ की विशाल जमीन और उस पर बनी तमाम इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच (कुर्क) कर लिया है। बाजार में इन तमाम संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 1170 करोड़ रुपये आंकी गई है।
लखनऊ जोनल ऑफिस ने जारी किया बयान, 426 करोड़ आंकी गई है आधिकारिक कीमत
प्रवर्तन निदेशालय के लखनऊ जोनल ऑफिस की ओर से बुधवार को जारी किए गए आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है कि एजेंसी द्वारा आजम खान से संबंधित जौहर यूनिवर्सिटी के कैंपस की जमीन और परिसरों को अस्थाई तौर पर जब्त किया गया है। वैसे तो सरकारी कागजों और दस्तावेजों के आधार पर इन अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपये दर्ज है, लेकिन मौजूदा समय में बाजार की रियल एस्टेट वैल्यू के हिसाब से इनकी कीमत लगभग 1170 करोड़ रुपये बैठती है। यह पूरी सख्त कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, पूर्व मंत्री आजम खान और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में अमल में लाई गई है।
जौहर यूनिवर्सिटी के मानद चांसलर हैं आजम खान, ट्रस्ट के जरिए होता है नियंत्रण
रामपुर जिले के सिंघानखेड़ा गांव और जौहर नगर क्षेत्र में फैली यह यूनिवर्सिटी मुख्य रूप से ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट’ के स्वामित्व के अधीन आती है। इस शैक्षणिक ट्रस्ट की स्थापना खुद सपा नेता मोहम्मद आजम खान द्वारा की गई थी और वही इसका पूरा नियंत्रण अपने हाथों में रखते हैं। इसके अलावा, वह इस विश्वविद्यालय के मानद चांसलर (Chancellor) के पद पर भी लंबे समय से काबिज हैं। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने गत 13 अक्टूबर को सीतापुर या अन्य जेलों में बंद चल रहे आजम खान और उनके इस ट्रस्ट के खिलाफ एक नई एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई थी, जिसमें उनके ऊपर अपनी यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य के लिए करोड़ों रुपये के सरकारी फंड का दुरुपयोग करने और भारी वित्तीय अनियमितताएं बरतने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज मामलों और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस ने रामपुर में यह नया मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें मुख्य रूप से आजम खान के साथ-साथ मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, दो निजी संस्थाओं और अन्य अज्ञात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 (आपराधिक साजिश), धारा 316(5) (आपराधिक विश्वासघात), धारा 318(4) (धोखाधड़ी) तथा ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
आजम खान पर पहले से दर्ज हैं दर्जनों मुकदमे, ईडी ने की है सभी मामलों की फाइलिंग
ज्ञात हो कि आजम खान और उनके करीबियों के खिलाफ पहले से ही उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज चल रहे हैं। तभी से इस बात की प्रबल आशंका जताई जा रही थी कि प्रवर्तन निदेशालय इन सभी मामलों का दायरा बढ़ाते हुए ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA) के तहत एक बड़ा शिकंजा कसने की तैयारी में है, जिसके लिए एजेंसी ने पुराने और नए सभी मुकदमों को एक साथ जोड़ने का निर्णय लिया है। इसी सिलसिलेवार जांच के तहत ईडी के लखनऊ जोनल मुख्यालय ने बीती 10 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक ई-मेल प्रेषित किया था। इस पत्र में पीएमएलए की धारा 66(2) का हवाला देते हुए आजम खान के विरुद्ध अब तक जुटाए गए तमाम पुख्ता सबूत और जानकारियां साझा की गई थीं और उनके खिलाफ एक नई आधिकारिक एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया था। लखनऊ में रजिस्टर्ड इस ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी खुद आजम खान ही हैं, जिनके साथ उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य और चुनिंदा सहयोगी भी शामिल हैं। यह ट्रस्ट रामपुर में वर्ष 2006 में स्थापित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के साथ-साथ एक अन्य पब्लिक स्कूल का भी संचालन करता है।