Hazaribagh ACB Trap: केरेडारी में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस का बड़ा एक्शन, 9 हजार घूस लेते पंचायत सेवक रंगे हाथ गिरफ्तार
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी इलाके से भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कराली पंचायत में तैनात पंचायत सेवक तालेश्वर दास को नौ हजार रुपये की अवैध रिश्वत लेते हुए धर दबोचा है। एसीबी की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से स्थानीय प्रशासनिक अमले और अन्य कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
बुजुर्ग आवेदक ने लगाई थी एसीबी से गुहार, सड़क निर्माण के बकाए भुगतान के एवज में मांगी थी घूस
एसीबी हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक आरिफ अकरम की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह जानकारी साझा की गई है कि केरेडारी प्रखंड के केमो गांव निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग दिगंबर पांडेय ने 15वें वित्त आयोग की आधिकारिक योजना के तहत कालीकरण पीसीसी सड़क से लेकर देवी मंडप तक के पीसीसी पथ निर्माण का कार्य पूरा करवाया था। इस स्वीकृत विकास योजना की कुल लागत 3 लाख 38 हजार रुपये थी, जिसमें से लगभग 2 लाख 84 हजार रुपये का भुगतान पहले ही हो चुका था। जब आवेदक ने अपनी शेष बची हुई राशि के भुगतान के लिए पंचायत सचिव तालेश्वर दास से संपर्क किया, तो आरोपी ने बिल पास करने की एवज में नौ हजार रुपये की रिश्वत मांगनी शुरू कर दी।
शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी ने बिछाया जाल, 27 अक्टूबर को दर्ज हुआ मामला
रविदास या किसी भी अन्य कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर बुजुर्ग दिगंबर पांडेय ने इस पूरे मामले की गुप्त शिकायत एसीबी कार्यालय में दर्ज कराई। विभाग द्वारा जब इस शिकायत का गोपनीय स्तर पर भौतिक सत्यापन कराया गया, तो पंचायत सेवक द्वारा रिश्वत मांगे जाने का आरोप पूरी तरह से सही पाया गया। इसके पश्चात, पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर 27 अक्टूबर को एसीबी थाने में कांड संख्या 11/2026 दर्ज किया गया। बुधवार को नियमानुसार एक दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की उपस्थिति में विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया, जिसने आरोपी पंचायत सेवक को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। एसीबी इस प्रकरण में आगे की कानूनी और अनुसंधान प्रक्रिया तेजी से पूरी कर रही है।